छत्तीसगढ़

भाजपा में “लेटर बम” का धमाका! संगठन में मचा हड़कंप, चुनावी समीकरण पर असर की आशंका

राजनांदगांव। Rajnandgaon News: भाजपा के भीतर से एक बार फिर बड़ा सियासी धमाका हुआ है। जिले के कई भाजपा पदाधिकारियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ ही मीडिया को भी डाक के माध्यम से भेजे गए एक “गोपनीय पत्र” ने संगठन में हलचल मचा दी है। यह पत्र जिले के अंदरूनी मतभेदों, गुटबाजी और टिकट दावेदारी से जुड़ी नाराजगियों को उजागर करता है।

पत्र में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लेकर विधानसभा क्षेत्रवार समीकरणों तक कई मुद्दों को खुलकर उठाया गया है। खास बात यह है कि पत्र की कई प्रतियां अलग-अलग क्षेत्रों में भेजी गई हैं और अब यह “लेटर बम” सोशल मीडिया के जरिए भी चर्चाओं में तेजी से फैल रहा है। पत्र में लिखा गया है कि “राजनांदगांव जिला भाजपा की सूची ही तय करती है या केवल राजनांदगांव विधानसभा की भाजपा इकाई की सुनी जाती है?”

इस सवाल के साथ यह भी आरोप लगाया गया है कि, जिले में फैसले कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित हैं और आम कार्यकर्ताओं की आवाज संगठन तक नहीं पहुंच पा रही है। पत्र में कहा गया है कि टिकट वितरण और नेतृत्व चयन में स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर पड़ी है।

खुज्जी विधानसभा में गुटबाजी के आरोप – कई नेताओं के नाम आए सामने

पत्र का बड़ा हिस्सा खुज्जी विधानसभा से जुड़ा है। इसमें दावा किया गया है कि स्वर्गीय राजिद्ररपाल सिंह भाटिया के निधन के बाद से खुज्जी क्षेत्र में भाजपा दो धड़ों में बंट गई है। संगठन में नए उपाध्यक्ष और पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं, लेकिन कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई है।

पत्र में कई स्थानीय नेताओं के नामों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि “खुज्जी विधानसभा में गुटबाजी और कटुता का माहौल व्याप्त है।” यह भी लिखा गया है कि “यदि संगठन ने स्थिति नहीं संभाली तो इसका सीधा असर चुनाव परिणाम पर पड़ेगा।”

भाजपा जिला पदाधिकारियों पर सवाल – कार्यकर्ताओं ने जताया रोष

पत्र में आरोप लगाया गया है कि कई जिला पदाधिकारी और मंडल स्तर के नेता सिर्फ अपने पदों पर बने रहने की राजनीति कर रहे हैं।
कहा गया है कि “जिला संगठन की बैठकों में कार्यकर्ताओं की आवाज नहीं सुनी जाती, न ही परिश्रम करने वालों को सम्मान मिलता है।”
पत्र में यह भी उल्लेख है कि कुछ लोगों को मीडिया प्रचार और मंच संचालन के जरिए संगठन में ऊँचा दर्जा मिल गया है जबकि जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है।

मीडिया प्रचार, पद वितरण और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा पर उठे सवाल

पत्र में मीडिया प्रचार से जुड़े नामों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि कुछ लोग पार्टी मंच का उपयोग निजी पहचान बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। यह भी आरोप है कि जिले में पदों का बंटवारा कार्यशैली के बजाय रिश्तेदारी और समीकरणों के आधार पर किया गया।
कुछ पूर्व जिला पंचायत सदस्य और किसान मोर्चा पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाने पर भी नाराजगी जाहिर की गई है।

भाजपा में अंदरूनी मतभेद बढ़े – चुनावी समीकरण पर असर की आशंका

पत्र के अंत में कहा गया है कि अगर संगठन ने जल्द कदम नहीं उठाया तो जिले की कई विधानसभा सीटों पर इसका सीधा असर 2028 के विधानसभा चुनावों पर पड़ेगा। पत्र में अपील की गई है कि “भाजपा अपने पुराने कार्यकर्ताओं को सम्मान दे, स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता में रखे और गुटबाजी पर सख्त कार्रवाई करे।

राजनांदगांव भाजपा में “लेटर बम” का यह मामला अब खुले मंचों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कई वरिष्ठ नेता इस मामले में टिप्पणी करने से बच रहे हैं, जबकि कार्यकर्ताओं के बीच यह सवाल गूंज रहा है कि-
“क्या भाजपा संगठन इस अंदरूनी असंतोष को संभाल पाएगा या आने वाले चुनावों में यह पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ाएगा?”

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