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क्या एफ-35 पर हो गई डील ?…

नई दिल्ली: भारत ने कहा है कि अमेरिका से F-35 लड़ाकू विमान खरीदने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। यह अभी सिर्फ एक प्रस्ताव के स्तर पर है। प्रधानमंत्री मोदी  और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, ‘यह अभी प्रस्ताव के चरण में है। मुझे नहीं लगता कि इस बारे में औपचारिक प्रक्रिया अभी तक शुरू हुई है।’ इससे पहले दिन में, ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका भारत को F-35 बेचेगा।
भारत सरकार ने बताया- क्या है पेच
मिश्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे बताया, ‘किसी भी प्लैटफॉर्म को हासिल करने की एक प्रक्रिया होती है। आप इस प्रक्रिया से अच्छी तरह वाकिफ हैं। ज्यादातर मामलों में किसी प्रस्ताव के लिए अनुरोध जारी किया जाता है। उन पर प्रतिक्रियाएं आती हैं। उनका मूल्यांकन किया जाता है। मुझे नहीं लगता कि भारत द्वारा एडवांस्ड एविएशन प्लैटफॉर्म (उन्नत विमानन मंच) के अधिग्रहण के संबंध में वह प्रक्रिया अभी तक शुरू हुई है। इसलिए, यह फिलहाल एक प्रस्ताव के चरण में है। मुझे नहीं लगता कि इस संबंध में औपचारिक प्रक्रिया अभी तक शुरू हुई है।’
ट्रंप-मोदी में क्या हुई बात, जानिए
इससे पहले, यह समझा जा रहा था कि मोदी और ट्रंप लड़ाकू विमानों के लिए जीई इंजन की डिलीवरी और स्ट्राइकर लड़ाकू वाहनों की बिक्री जैसे रक्षा और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा करेंगे। जीई इंजन बहुत शक्तिशाली होते हैं और लड़ाकू विमानों को तेज उड़ान भरने में मदद करते हैं। वहीं, स्ट्राइकर लड़ाकू वाहन जमीन पर लड़ाई के लिए होते हैं। दोनों नेताओं के बीच स्ट्राइकर इन्फेंट्री कॉम्बैट वीइकल्स (आईसीवी) और जेवेलिन एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल्स के लिए बातचीत हुई भी।
एफ-35 विमान की जरूरत क्यों?
F-35 एक सीट वाला लड़ाकू विमान है। इसका एक नौसेना संस्करण भी है। इसका निर्माता लॉकहीड मार्टिन कहता है कि यह दुनिया का सबसे उन्नत लड़ाकू विमान है। इसकी खासियत इसकी स्टेल्थ टेक्नीक है। इस तकनीक की वजह से इसे राडार पर पकड़ा जाना मुश्किल होता है। यह दुश्मन के इलाके में चुपके से घुसपैठ कर सकता है। अमेरिका के अलावा, यूनाइटेड किंगडम (यूके), इजराइल, ऑस्ट्रेलिया जैसे 15 देश वर्तमान में इन विमानों का संचालन करते हैं।
आसान भाषा में समझिए, क्या है मामला
अगर आसान भाषा में कहें, तो मान लीजिए आपको एक नई साइकिल खरीदनी है। आपने दुकानदार से पूछा, लेकिन अभी आपने पैसे नहीं दिए हैं और न ही साइकिल घर लाए हैं। बस दुकानदार से बातचीत हुई है। F-35 के मामले में भी ऐसा ही है। भारत और अमेरिका के बीच बातचीत तो हुई है, लेकिन अभी कोई सौदा तय नहीं हुआ है। जैसे साइकिल खरीदने में समय लगता है, वैसे ही लड़ाकू विमान खरीदने में भी समय लगता है। पहले बातचीत होती है, फिर कीमत तय होती है, और फिर डिलीवरी होती है।

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