अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, बर्खास्त सहायक शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन के साथ सरकार से समायोजन की मांग,समाधान नहीं निकलने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन :

भिलाई : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के सुपेला में बर्खास्त किए गए सहायक शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया.सैंकड़ों शिक्षकों ने सड़क पर उतरकर रैली निकाली और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. शिक्षकों का कहना है कि साय सरकार ने उनके साथ अन्याय किया है. वे अपनी नौकरी वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर साय सरकार के फैसले का विरोध किया. उनकी मांग थी कि सरकार केवल कमेटी बनाने की बात न करे, बल्कि ठोस निर्णय ले.
नौकरी जाने के कारण शिक्षक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. शिक्षक बेरोजगार हो गए हैं और उनके परिवारों के लिए गुजर-बसर करना मुश्किल हो गया है. प्रदर्शनकारी शिक्षक ने कहा कि हमने पूरी ईमानदारी से अपनी सेवाएं दीं. डेढ़ साल तक बच्चों को पढ़ाया लेकिन अचानक हमें नौकरी से निकाल दिया गया. हम सरकार से मांग करते हैं कि हमारी बहाली की जाए. हमारा परिवार अब भुखमरी के कगार पर है.
सहायक शिक्षकों ने ऐलान किया है कि अगर जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे. तब तक संघर्ष जारी रखेंगे, जब तक उनकी नौकरी बहाल नहीं होती. सहायक शिक्षकों का प्रदर्शन सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष को दर्शाता है. वे नौकरी वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और सरकार से स्पष्ट और त्वरित निर्णय की मांग कर रहे हैं.
क्यों किया जा रहा है प्रदर्शन : छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षकों की नियुक्ति 2023 में की गई थी. ये शिक्षक B.Ed प्रशिक्षित थे और बस्तर समेत सरगुजा संभाग में पिछले डेढ़ साल से कार्यरत थे. लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद 1 जनवरी 2025 को सरकार ने सभी 2900 सहायक शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया. सरकार का तर्क है कि ये निर्णय कोर्ट के आदेश के तहत लिया गया है.सरकार ने शिक्षकों को यह कहकर आश्वासन दिया था कि इस मुद्दे पर विचार करने के लिए एक कमेटी गठित की गई है और जल्द ही निर्णय लिया जाएगा. लेकिन डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस समाधान नहीं निकला, जिससे शिक्षकों में आक्रोश है.



