सिद्ध चिकित्सा से इलाज के लिए डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की पहल

आयुष मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली भारत की सबसे प्राचीन सिद्ध चिकित्सा पद्धति से इलाज कराने के लिए भारत में लोगों को जागरुक किया जा रहा है. आयुर्वेद और योग की तरह ही यह चिकित्सा विधि भी इलाज के लिए बेहतरीन है. ऐसे में इलाज की इस शैली से जुड़े डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने दिल्ली से कन्याकुमारी तक रैली निकालने का फैसला किया है.Play VideoClose Player
सिद्ध चिकित्सा वेलनेस रैली एंड अवेयरनेस कैंपेन (SWRAC) नाम से शुरू किए जा रहे इस अभियान का मुख्य उद्धेश्य लोगों को इस इलाज पद्धति के बारे में बताना है ताकि लोग इसके बारे में जानें और सिर्फ ऐलोपैथी या आयुर्वेद के बजाय कई असाध्य रोगों के इलाज के साथ ही स्वस्थ रहने के लिए इस विधि को अपना सकें. इसके लिए केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ मुंजपरा महेंद्रभाई द्वारा दिल्ली से कन्याकुमारी तक बाइकर्स रैली का फ्लैग ऑफ 24 जनवरी को 2024 को किया जा रहा है.
बता दें कि SWRAC 8 राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों के 21 शहरों से गुजरते हुए 3333 किलोमीटर की यात्रा पूरी करेगी. इसमें सिद्ध वैज्ञानिक, डॉक्टर और फैकल्टी शामिल होंगे. इन 20 दिनों के दौरान सभी प्रमुख शहरों में आम लोगों को व्याख्यान और कार्यक्रमों के माध्यम से इस विधि के बारे में बताया जाएगा.
सेंट्रल काउंसिल ऑफ रिसर्च इन सिद्धा (सीसीआरएस) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिद्ध, आयुष मंत्रालय इस अभियान को शुरू करने जा रहे हैं. रैली में कुल 20 बाइकर्स और 2 स्टैंड बाई बाइकर्स शामिल होंगे. राष्ट्रीय सिद्ध संस्थान की निदेशक डॉ मीना कुमारी ने कहा कि इस बाइकर्स रैली का प्रमुख उद्देश्य 21 शहरों से गुजरते हुए आम जन को इस अभियान से जोड़ना है. साथ ही लोगों को इस विधि से लाभ पहुंचाना है.


