अंतर्राष्ट्रीय

चीन विवाद सुलझाने में भारत सक्षम तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं, ठुकराया ट्रंप का ऑफर

 वाशिंगटन. अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को दुनिया का एक बड़ा प्लेयर बताया है। इसके साथ ही उन्होंने भारत और चीन के बीच सीमा विवाद मध्यस्थता का भी ऑफर दे दिया, जिसे भारत ने बिना कोई वक्त गंवाए खारिज कर दिया। भारत ने यह फैसला इसलिए लिया, ताकि किसी तरह भ्रम न उपजे। भारत ने साफ कहा कि सीमा विवाद द्विपक्षीय मसला है और हम सभी चीजों को अपने स्तर पर निपटाने में सक्षम हैं। पीएम मोदी के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा था कि मैं भारत की तरफ देखता हूं। कुछ सीमा विवाद भी हैं, जो सामान्य हैं। उन पर बात होनी चाहिए और पहल जारी रहनी चाहिए। यदि हम कोई मदद कर सकते हैं तो मुझे अच्छा लगेगा। मैं इसके लिए तैयार हूं, क्योंकि मेरा मानना है कि विवादों का निपटारा होना चाहिए।

उन्होंने चीन के साथ अमरीका के अच्छे रिश्तों की भी बात की। उन्होंने कहा कि अमरीका तो चीन के साथ अच्छे रिश्तों का हिमायती है। दुनिया का एक बड़ा प्लेयर चीन भी है। उन्होंने कहा कि हम चीन के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं। कोरोना काल तक हमारे शी जिनपिंग के साथ अच्छे संबंध थे। फिर बात थोड़ी बिगड़ गई। चीन दुनिया का एक बड़ा महत्त्वपूर्ण प्लेयर है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप के ऑफर को भारत ने तत्काल खारिज कर दिया है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि हमारे पड़ोसियों के साथ जो भी मसले हैं। उनसे निपटने के लिए हमने हमेशा से द्विपक्षीय वार्ता का रास्ता ही अपनाया है। हमें किसी तीसरे पक्ष की आवश्यकता नहीं है।

रूस-यूक्रेन मेंं जंग रोकने को निभाएंगे अहम भूमिका

ट्रंप ने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को रोकने के लिए भी हम मध्यस्थता करेंगे। हमारी ओर से हर मामले में अहम भूमिका अदा की जाएगी। मुझे लगता है कि यूक्रेन और रूस के बीच विवाद खत्म हो जाना चाहिए। दोनों के बीच जंग बहुत ज्यादा हो चुकी। उन्होंने कहा कि अब हमें अपने प्रयासों को बेकार नहीं होने देना है। हम अब हल निकालने के बेहद करीब हैं। अब अमरीका, भारत, चीन और रूस जैसी ताकतों को साथ आना होगा। यदि ये चार देश साथ आएं, तो दुनिया की बहुत सी समस्याओं का हल हो सकेगा।

मोदी के बैठने के लिए ट्रंप ने खींची कुर्सी, पीछे खड़े भी रहे

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में गुरुवार देर रात मुलाकात हुई। पीएम मोदी को व्हाइट हाउस में जो सम्मान मिला, उसकी भी खूब चर्चा है। दरअसल, जब पीएम मोदी व्हाइट हाउस पहुंचे, तो उनकी अगवानी के लिए ट्रंप के साथ ही कई अधिकारी भी मौजूद रहे। स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क तक वहां मौजूद थे। यहां पीएम मोदी ने सभी से हाथ मिलाया। इसके बाद जब पीएम मोदी अपने हस्ताक्षर करने के लिए कुर्सी पर बैठने की ओर बढ़े, तो राष्ट्रपति ट्रंप ने उनके लिए कुर्सी को पीछे खींचा। इस दौरान ट्रंप पीएम मोदी के पीछे खड़े दिखे। इसी पल की तस्वीरें और वीडियो को अब सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है। कोई लिख रहा है कि यह नए भारत की ताकत है, तो किसी ने इसे पीएम मोदी और ट्रंप के बीच मजबूत केमिस्ट्री बताया है।

अमरीकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को गिफ्ट में दी किताब

अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी हस्ताक्षर की हुई एक किताब गिफ्ट में दी है, जिसका नाम ‘अवर जर्नी टुगेदर’ है और यह एक फोटोबुक है। उन्होंने किताब में साइन भी किए हैं। जब पीएम मोदी और ट्रंप व्हाइट हाउस में व्यापार, सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों पर वार्ता के लिए मिले, इसी दौरान ट्रंप ने यह गिफ्ट दिया। फोटोबुक में ट्रंप के पहले कार्यकाल की डिटेल्स हैं, जिसमें बड़े आयोजनों की तस्वीरें, सितंबर 2019 में पीएम मोदी के अमरीकी दौरे के वक्त हुए हाउडी मोदी कार्यक्रम की यादें भी शामिल हैं। साल 2019 में पीएम मोदी की अमरीकी यात्रा के दौरान हाउडी मोदी समारोह की तस्वीरों से लेकर साल 2020 में राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान नमस्ते ट्रंप रैली की तस्वीरों भी इसमें सम्मिलित की गईं। ज्वाइंट प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने नरेंद्र मोदी के लिए किताब पर खुद हस्ताक्षर किए और लिखा कि ‘मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, आप महान हैं’।

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