पिछले 3 साल में सर्पदंश से 96 मौतें, बिलासपुर में 431 मौतें ! विधायक के सवाल के बाद सदन हैरान

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज प्रश्नकाल में बेलतरा से विधायक सुशांत शुक्ला ने सर्पदंश से हुई मौत के बाद मुआवजा देने को लेकर सवाल पूछा. सुशांत शुक्ला ने पूछा कि जशपुर को छत्तीसगढ़ का सर्पलोक कहा जाता है. जशपुर में 2022, 23, 24 में तीन साल में सर्पदंश से 96 मौतें हुई है. जबकि बिलासपुर में सर्पदंश से 431 मौतें हुई है. विधायक ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में मुआवजे के भ्रष्टाचार का रैकेट चल रहा था. बिलासपुर में 17 करोड़ 24 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया. जशपुर में 3 करोड़ 84 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया. जिन मरीजों को फर्जी मुआवजे के आधार पर रैकेट के माध्यम से भुगतान किया गया, अगर कराई गई है तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई.
मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब दिया- फर्जी प्रकरण बनाकर मुआवजा दिया गया है, पहली बार ये जानकारी सामने आई है. इसकी जांच कराई जाएगी.
विधायक ने कहा पूर्ववर्ती सरकार में शिकायत हुई है. सर्पलोक जशपुर में 96 मौतें होती है और बिलासपुर में 400 से ऊपर मौतें सांप काटने से बताई जा रही है. राजस्व का अधिकारी सीएमओ से पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की जानकारी मांगते हैं और सीएमओ उस रिपोर्ट के बिना डॉक्टर के प्रतिवेदन के सत्यापित करते हैं. राजस्व और स्वास्थ्य अधिकारी की मिलीभगत में करोड़ों का घोटाला हुआ है. क्या इसकी जांच कराएंगे.
मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा- मुआवजे की प्रक्रिया ही यही है. जैसे सर्पदंश से कोई पीड़ित हॉस्पिटल गया और उसकी मौत हो गई तो स्वास्थ्य विभाग से मिले प्रमाण पत्र के आधार पर राजस्व विभाग उन्हें मुआवजा देते हैं. अब तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली. विधायक के पास यदि ऐसी कोई शिकायत है तो इसके बारे में बताए, इसकी जांच और कार्रवाई की जाएगी.
विधायक धरमजीत ने पूछा कि दूरस्थ किसी क्षेत्र में यदि किसी को सांप काट लेता हैं तो इसके लिए क्या क्या करना पड़ता है. इसकी पूरी प्रक्रिया के बारे में बताइए.
मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा सर्पदंश और इसके इलाज के लिए वैक्सीन सभी स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध रहता है. किसी को यदि सांप काटता है तो तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाता है. समय पर अस्पताल पहुंच जाते हैं तो इलाज हो जाता है. यदि समय पर नहीं पहुंच पाए तो स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उन्हें सर्टिफिकेट देते हैं. स्वास्थ्य विभाग के प्रमाण पत्र के बाद एसडीएम या कलेक्टर की तरफ से मुआवजा दिया जाता है.
विधायक धरमजीत ने कहा सांप काटने के बाद क्या क्या प्रमाण दिखाने पड़ते हैं.
मंत्री ने जवाब दिया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ये बात आएगी कि सर्पदंश से मौत हुई है. इसके बाद प्रमाणपत्र बनेगा, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
विधायक ने कहा कि कलेक्टर और एसडीएम के द्वारा मुआवजा देने की बात है, क्या इसकी जांच की जाएगी.
विधायक भावना बोहरा ने पूछा कि सर्पदंश के बाद एंटी वेनम सिर्फ जिला चिकित्सालय में है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंटी वेनम नहीं है. जिससे समय पर इलाज नहीं हो पाता.
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी ने जवाब दिया कि सभी अस्पतालों में एंटी वेनम है. धरमलाल कौशिक ने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में नाग लोग जशपुर है लेकिन हैरानी हो रही है कि बिलासपुर में 400 से ज्यादा लोग सर्पदंश से मौतें हो रही है. पहचान बदल रही है. सवाल है कि सारे लोगों को पोस्टमॉर्टम हुआ है या नहीं. यदि पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ है तो उसका मुआवजा नहीं दिया जाएगा.



