व्यापार

मार्केट में तेजी, कंपनियों को लोन… दुनिया में दिख रहा भारत का दम, क्या अमेरिका के साथ ट्रेड डील बनेगी फायदे का सौदा?

नई दिल्ली: आज शुक्रवार को शेयर मार्केट में बेशक गिरावट आई हो, लेकिन इससे पहले इसमें काफी तेजी रही है। एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स इस हफ्ते अक्टूबर के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। इसकी वजह है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता हो सकता है। ट्रंप के कुछ बयानों से ऐसा लग रहा है कि भारत, अमेरिका के साथ डील करने वाला पहला देश हो सकता है।

भारतीय कंपनियों ने भी इस मौके का फायदा उठाया है। शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप को 3.4 अरब डॉलर का प्राइवेट क्रेडिट डील मिला है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 2.98 अरब डॉलर का लोन लिया है। इससे पता चलता है कि दुनिया भर के निवेशक भारत के कॉर्पोरेट कर्ज में रुचि दिखा रहे हैं।

क्या हैं कारण?

ब्लूमबर्ग की एक खबर के अनुसार इस उत्साह के पीछे कई कारण हैं। भारत में सरकार देश को ग्लोबल सप्लाई चेन में और गहराई से जोड़ना चाहती है। वहीं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की उदार नीति भी बाजार को सपोर्ट कर रही है। बॉन्ड यील्ड तीन साल के सबसे निचले स्तर पर है।

क्या है एक्सपर्ट्स की राय?

हांगकांग में Natixis के सीनियर इकोनॉमिस्ट त्रिन्ह गुयेन ने कहा, अगर भारत सही तरीके से काम करे तो वह ट्रंप 2.0 में बड़ा विजेता बन सकता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत बॉन्ड में अच्छा रिटर्न और इक्विटी निवेशकों के लिए भी अच्छा मुनाफा दे सकता है।

ग्लोबल फंड मैनेजरों का नजरिया तेजी से बदला है। फ्रैंकलिन टेम्पलटन और फेडरेटेड हरमेस जैसे फंड भी भारत में निवेश करने को उत्सुक हैं। BofA सिक्योरिटीज के एक सर्वे के अनुसार एशियाई फंड मैनेजरों के लिए भारतीय शेयर सबसे पसंदीदा बन गए हैं।

ट्रेड वॉर के बीच भारी निवेश

अक्टूबर से फरवरी के बीच निवेशकों ने 25 अरब डॉलर से ज्यादा के भारतीय शेयर बेचे थे। लेकिन इस तिमाही में उन्होंने 2.5 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। ऐसा तब हुआ जब ट्रेड वॉर चल रहा था और भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव भी था। 7 अप्रैल को निफ्टी कई महीनों के निचले स्तर पर था, लेकिन अब यह अपने सितंबर के रेकॉर्ड हाई से सिर्फ थोड़ा ही दूर है।

भारत पर भरोसा क्यों?

निवेशक भारत को एक सुरक्षित ठिकाना मान रहे हैं। इसकी वजह है कि भारत की अर्थव्यवस्था ज्यादातर अपने देश पर निर्भर है। साथ ही, चीन के मुकाबले भारत पर अमेरिका का टैरिफ भी कम है। इसलिए ऐपल जैसी कंपनियों के लिए भारत एक अच्छा विकल्प है।

डीबीएस ग्रुप होल्डिंग्स लिमिटेड के मैक्रो रणनीतिकार वेई लियांग चांग ने कहा कि ग्लोबल ट्रेड में अनिश्चितता के बीच, भारत का बड़ा घरेलू बाजार, बढ़ता मध्यम वर्ग और अमेरिका के साथ ट्रेड डील की संभावना निवेशकों को भारतीय क्रेडिट में आकर्षित करेगी।

Show More

Daily Live Chhattisgarh

Daily Live CG यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, बिजनेस, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button