हरतालिका तीज में सिर्फ शिव ही नहीं, इन देवी-देवताओं की आराधना भी है जरूरी

Hartalika Teej 2025: हरतालिका तीज 2025 में केवल भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा ही नहीं, बल्कि अन्य देवी-देवताओं की भी आराधना करना अत्यंत शुभ माना जाता है. गणेशजी, सूर्य देव और शुक्र देव की पूजा से व्रती के जीवन में सुख, समृद्धि, प्रेम और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है.
हिंदू धर्म में हरतालिका तीज को एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है. यह पर्व विशेष रूप से महिलाओं के लिए भक्ति, स्नेह और समर्पण का प्रतीक है. महिलाएं इसे अपने पति की लंबी आयु, वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि और संतान की खुशी के लिए बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाती हैं. हालांकि, इस दिन केवल भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि अन्य देवी-देवताओं की भी आराधना करना शुभ और लाभकारी होता है.
हरतालिका तीज के अवसर पर भगवान गणेश की पूजा भी अनिवार्य है. मान्यता है कि गणेशजी सभी बाधाओं को दूर करते हैं और घर में सुख-समृद्धि का संचार करते हैं. महिलाएं गणेशजी की पूजा करके अपने व्रत की शुरुआत करती हैं और पूजा को पूर्णता देती हैं. इसके साथ ही, सूर्य देव और शुक्र देवता की पूजा भी लाभकारी मानी जाती है. सूर्य देव को अर्घ्य देने से स्वास्थ्य और जीवन में ऊर्जा बढ़ती है, जबकि शुक्र देव की आराधना वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बनाए रखने में मदद करती है.
हरतालिका तीज पर महिलाएं पूजा में नारियल, फूल और विभिन्न प्रकार के फल अर्पित करती हैं. इससे न केवल पूजा सुचारू होती है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी घर में बढ़ता है. साथ ही, देवी-देवताओं की सही विधि से पूजा और मंत्र जाप करने से व्रती को आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है और घर में शांति और सुख बना रहता है.
शिव-पार्वती के व्रत तक सीमित नहीं है हरतालिका तीज
इस प्रकार, हरतालिका तीज केवल शिव-पार्वती के व्रत तक सीमित नहीं है. गणेशजी, सूर्य देव और शुक्र देवता की पूजा भी करना आवश्यक है, जिससे पूरे घर में समृद्धि, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. इस दिन का उपवास, भजन-कीर्तन और देवी-देवताओं की आराधना न केवल व्यक्तिगत जीवन में लाभकारी होती है, बल्कि पूरे परिवार को उनके आशीर्वाद की प्राप्ति भी होती है.

