अकड़ गया है पूरा बदन तो रोज करेंगे ये 4 योगासन, खुल जाएंगी एक-एक मांसपेशियां

पुरुषों के लिए योगासन
दिनभर एक ही जगह बैठकर कंप्यूटर-लैपटॉप पर फोकस करना, टारगेट का प्रेशर, ग्रोथ की टेंशन, फ्यूचर को लेकर एंग्जायटी आदि से आज के समय में शायद ही कोई अछूता है। जिंदगी में इतने सारे स्ट्रेस भर गए हैं कि हम क्वालिटी लाइफ पर ध्यान ही नहीं दे पा रहे हैं। खासतौर पर पुरुषों के साथ ऐसी समस्याएं और भी ज्यादा हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी में वे अपनी फिटनेस पर ध्यान नहीं दे पाते। ऐसे में शरीर में जकड़न सी महसूस होने लगती है। आप एकदम से खड़े होकर चलने में परेशानी महसूस करते हैं। कई बार तो ऐसा लगता है कि शरीर साथ ही नहीं दे रहा है। अगर आपके साथ भी ऐसी ही समस्याएं हैं तो आप सेलिब्रिटी योगा ट्रेनर अंशुका परवानी की ओर से बताए गए कुछ योगासन जरूर करें। ये योगासन शरीर को फ्लेक्सिबल बनाने के साथ ही दिमाग को भी रिलैक्स करेंगे।

बटरफ्लाई पोज
इसे बद्ध कोणासन भी कहते हैं। यह बहुत ही आसान और इफेक्टिव योगासन है। सबसे पहले एक योगा मेट पर बैठें। आपकी पीठ एकदम सीधी होनी चाहिए। अब अपने पैरों को अपने हिप्स के करीब लाएं। फिर तलवों को आपस में जोड़कर दबाएं। अपने हाथों से पैरों को पकड़ें। अब तितली के पंख की तरह पैरों को ऊपर नीचे करें। आप प्रतिदिन इसे कम से कम 3 मिनट तक करें। इससे आपकी एनर्जी बूस्ट होगी, अनिद्रा की परेशानी दूर होगी और आप रिलैक्स महसूस करेंगे।

ब्रिज पोज
इसे सेतु बंधासन भी कहते हैं। इसके लिए सबसे पहले योगा मेट पर पीठ के बल लेट जाएं। अब अपने घुटनों को मोड़ लें। पैरों को जमीन पर सपाट रखें। अपनी हथेलियों को नीचे की ओर रखते हुए अपने हाथों को बगल की ओर फैलाएं। ध्यान रखें कि अपने पैरों को हिप्स की चौड़ाई से अलग रखें। आपकी उंगलियां एड़ियों के पिछले हिस्से पर टिकी होनी चाहिए। धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ते हुए, अपने हिप्स को ऊपर उठाएं यानी अपनी पीठ को फर्श से दूर उपर की ओर करें। घुटनों को 90 डिग्री के कोण पर रखे और जांघों को फर्श के पैरेलल रखें। बॉडी वेट कंधों, हिप्स और पैरों पर समान रूप से रखें। इस स्थिति में 30 सेकंड से 1 मिनट तक रहें। धीरे-धीरे सांस लेते हुए, अपने हिप्स को वापस नीचे लाएं और आराम करें।

मलासन
अगर आपको झुकने, मुड़ने, चलने में परेशानी होती है तो स्क्वाट पोज आपके लिए बेस्ट है। इसे मलासन भी कहा जाता है। यह मसल्स को मजबूत बनाता है। इससे हिप्स, ज्वाइंट्स, रीढ़ की हड्डी और लोअर बॉडी में फ्लेक्सिबिलिटी आने के साथ ही मजबूती मिलती है। इसके लिए आप उकडू बैठें। पैरों को मजबूती से जमीन पर जमाएं। अब अपने हाथों को आपस में जोड़ें और धीरे-धीरे मूव करें।



