पेगासस का जिन्न फिर निकला! मोबाइल में घुसकर जासूसी करने वाले सॉफ्टवेयर को कितना जानते हैं?

साल 2021 में पेगासस ने भारतीय राजनीति में भूचाल ला दिया था। यह एक ऐसा सॉफ्टवेयर या स्पाईवेयर है जो लोगों के फोन में घुसकर उसे हैक कर लेता है और जासूसी करता है। तमाम मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि कई भारतीय पत्रकारों और लोगों के फोन में पेगासस को स्पाई करके उनकी निगरानी की गई। मामला अदालतों में पहुंचने के बाद शांत पड़ गया था। मंगलवार को इससे जुड़ा बड़ा डेवलपमेंट हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने पेगासस स्पाईवेयर के कथित गैरकानूनी इस्तेमाल की जांच से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की तारीख तय कर दी। ऐसे में एक बार फिर से इस जासूसी हथियार के बारे में जानना जरूरी हो जाता है।
क्या है पेगासस
पेगासस को स्पाईवेयर या सर्विलांस सॉफ्टवेयर कहा जाता है। इसे इस्राइली कंपनी एनएसओ ग्रुप ने बनाया है। यह एक सिक्योरिटी कंपनी है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, पेगासस का इस्तेमाल करके किसी शख्स का फोन हैक किया जा सकता है। एक बार पेगासस शख्स के फोन में दाखिल हो जाए तो उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है। इस खूबी के कारण ही पेगासस दुनिया के सबसे खतरनाक जासूसी स्पाइवेयर्स में शामिल है।
कौन खरीद सकता है पेगासस
पेगासस को आप और हम नहीं खरीद सकते। यानी यह आम आदमी के बस के बाहर की बात है। रिपोर्ट के अनुसार, यह जासूसी सॉफ्टवेयर सिर्फ सरकारों या सरकारी एजेंसियों को बेचा जाता है। भारत सरकार इसकी ग्राहक नहीं है। ऐसे में यह जानना भी दिलचस्प होगा कि आखिर भारतीय पत्रकारों और लोगों के फोन में घुसकर उनकी जासूसी किसने करनी चाही थी।
पेगासस फोन में हो तो क्या करें
पेगासस की खूबी है कि यह किसी भी डिवाइस में खुद इंस्टॉल होकर काम करना शुरू कर सकता है। अगर आपको भी यह शक है कि आपकी डिवाइस में पेगासस हो सकता है तो नॉर्टन सिक्योरिटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, डिवाइस को एक्सपर्ट के पास लेकर जाना चाहिए। यही तरीका एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स को भी अपनाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट से क्या डिमांड की गई
सुप्रीम कोर्ट से याचिकाकर्ताओं ने एक प्रमुख मांग की है। यह पता लगाए जाने की मांग है कि क्या सरकार ने पेगासस का इस्तेमाल करके लोगों की जासूसी की। मामले की सुनवाई 29 अप्रैल को होनी है। इस मामले में कोर्ट को टेक्निकल कमिटी की रिपोर्ट भी चाहिए, जो अबतक नहीं मिली है। साल 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 29 फोन्स में से 5 में कुछ मालवेयर मिला था, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता है कि वह पेगासस का इस्तेमाल किया गया था।



