अमेरिका-चीन की लड़ाई में DHgate की एंट्री, सस्ते से सस्ता सामान बेचता है यह ऐप, पर कैसे?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब से दूसरी बार पद संभाला है, पूरी दुनिया को आशंकित किया है। अमेरिका की तरफ से दुनियाभर के देशों पर टैरिफ लगाया गया, लेकिन असल टैरिफ वॉर छिड़ा है अमेरिका और चीन के बीच। दोनों देश आमने-सामने हैं और इस जंग में अब DHgate (डीएचगेट) की एंट्री हो गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन पर लगाए गए भारी टैक्स के कारण लोग चीनी शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स में अपनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसने DHgate को सुर्खियों में ला दिया है। दावा है कि अमेरिका में यह ऐप पॉपुलर हो रहा है, क्योंकि ऐप की मदद से लोग सीधे चीन से सामान ऑर्डर कर पाते हैं।
अमेरिका-चीन के टैरिफ वॉर में अब चीनी जनता भी कूद गई है। वहां के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक पर कई चीनी लोग और अन्य नागरिक इस ऐप को प्रमोट कर रहे हैं। दावा है कि DHgate पर जाकर सीधे चीन से सामान ऑर्डर किया जा सकता है, वह भी चीनी मैन्युफैक्चरर्स से। दावा है कि इसमें महंगे ब्रांड का सामान भी कम कीमत पर मिल जाता है। यही वजह है कि लोग इस ऐप की तरफ आकर्षित हो रहे हैं, जिससे ऐप के डाउनलोड बढ़ रहे हैं।
लोगों को लग रहा है कि DHgate जैसे ऐप्स से खरीदारी करने पर वह किसी भी सामान पर एक्स्ट्रा टैक्स देने से बच जाएंगे। जबकि यह सच्चाई नहीं है। हालांकि cnet की रिपोर्ट में बताया गया है कि DHgate जैसे ऐप्स से खरीदारी करने पर भी लोगों को टैक्स देना होगा। हालांकि अभी टैक्स लागू नहीं हुआ है, इसलिए लोग धड़ल्ले से ऐप को डाउनलोड कर रहे हैं, जिससे वह कम कीमत पर सामान खरीद पाएं। DHgate जैसे ऐप्स से अगर 800 डॉलर से कम का सामान खरीदा जाए तो टैक्स नहीं देना होता था। अब यह नियम बदलने जा रहा है।
cnet की रिपोर्ट यह भी कहती है कि हाल के दिनों में DHgate ऐपल ऐप स्टोर पर दूसरा सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाला फ्री ऐप पहला है। पहले नंबर पर ओपनएआई का चैटजीपीटी है। खास यह है कि एक सप्ताह पहले डाउनलोड होने के मामले में इसकी 352वीं पोजिशन थी, लेकिन टिकटॉक पर मिली पॉपुलैरिटी ने ऐप को सुर्खियों में ला दिया और बहुत तेजी से इसे डाउनलोड कर रहे हैं। टिकटॉक पर बहुत से सेलिब्रिटी इस ऐप को अमेरिका में प्रमोट कर रहे हैं।
DHgate नया नवेला ऐप नहीं है। यह साल 2004 से सुर्खियों में है। चीन के अन्य ऐप्स की तरह ही लोग इस पर आकर शॉपिंग करते हैं। इस ऐप की मदद से लोग सीधे चीनी मैन्युफैक्चरर्स से सामान खरीद पाते हैं। लोग दावा कर रहे हैं कि बड़े ब्रांड चीनी फैक्ट्रियों से सामान खरीदकर उन्हें महंगा बेचते हैं, जबकि वही सामान इस ऐप पर सस्ते में मिल जाता है। इस मामले में ऐप की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि याहू की एक रिपोर्ट कहती है कि कंपनी अपनी पॉपुलैरिटी से खुश है। भले ही लोग इस ऐप को डाउनलोड कर रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इससे लोगों के कितने पैसे बचेंगे या फिर बचेंगे भी या नहीं।



