छत्तीसगढ़

किसानों के लिए खुशखबरी: अब बिना गिरवी के मिल सकेगा दो लाख तक का कृषि लोन

Farmer Loan: कृषि लोन  बैंकों के अलावा माइक्रो फाइनेंस संस्थान और सरकारी एजेंसियों द्वारा भी ऑफर किया जाता है। किसानों द्वारा कृषि परियोजनाओं के लिए लोन का लाभ उठाया जा सकता है जैसे कि नई भूमि की खरीद, नई कृषि मशीनरी या खरीद, सिंचाई चैनल का निर्माण, अनाज भंडारण का निर्माण, आदि। किन बैंकों से कितनी ब्याज दरों पर कृषि लोन मिलेगा और अन्य जानकारी नीचे दी गई है:

  • फसल लोन / किसान क्रेडिट कार्ड (खुदरा कृषि लोन): किसान क्रेडिट कार्ड / किसान कार्ड फसलों की खेती, फसल कटाई के बाद की गतिविधियों, कृषि उपकरणों के रखरखाव जैसी शॉर्ट टर्म ज़रूरतों को पूरा करने के लिए एक आदर्श कृषि लोन विकल्प है।
  • कार्ड आम तौर पर एक इलेक्ट्रॉनिक RuPay कार्ड के रूप में उपलब्ध है, जिसका उपयोग किसान खरीददारी करने के लिए एटीएम से पैसे निकालने के लिए कर सकते हैं। इस प्रकार, यह आपकी दैनिक कृषि ज़रूरतों को पूरा करने के लिए सुविधाजनक लोन प्रदान करता है।
  • कृषि टर्म लोन: यह एक प्रकार का लॉन्ग टर्म लोन होता है जो कृषि संबंधी खर्चों को पूरा करने के लिए विभिन्न बैंक/ लोन संस्थानों द्वारा 48 महीनों तक की अवधि के लिए प्रदान किया जाता है। लोन राशि का उपयोग नई मशीनरी खरीदने या मौजूदा मशीनरी को अपग्रेड करने, सौर ऊर्जा, पवन चक्कियां आदि स्थापित करने के लिए किया जा सकता है। बैंक आम तौर पर इस लोन के लिए 3 से 4 साल की भुगतान अवधि प्रदान करते हैं, ताकि आप उधार ली गई राशि का मासिक/ द्वि-वार्षिक/ वार्षिक EMI में भुगतान कर सकें।
  • कृषि लोन के लिए योग्यता शर्तें
    • उम्र: न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 65 वर्ष
    • जमीन पर खेती करने की पहुंच होनी चाहिए
    • भारतीय नागरिक जिसका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड न हो
    • पहले किसी लोन का डिफॉल्ट न किया हो
    कृषि लोन: ज़रूरी दस्तावेज़कृषि लोन के लिए अधिकांश ज़रूरी दस्तावेज़ों की सूची निम्नलिखित है :
    • 2 पासपोर्ट साइज़ फोटो
    • विधिवत भरा हुआ एप्लीकेशन फॉर्म
    • किसान क्रेडिट कार्ड
    • पहचान प्रमाण: आधार, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड आदि
    • पता प्रमाण: यूटिलिटी बिल (पानी, बिजली बिल), वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, आदि
    • आय प्रमाण: बैंक स्टेटमेंट, इनकम टैक्स रिटर्न आदि।

महंगाई और कृषि लागत में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने छोटे किसानों को बिना गिरवी के दिए जाने वाले लोन की सीमा बढ़ाने का फैसला किया है। शुक्रवार को आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अब छोटे किसान बिना किसी गिरवी के दो लाख रुपये तक का लोन ले सकेंगे। अभी यह सीमा 1.6 लाख है। नए साल से सभी बैंकों को आरबीआई का यह निर्देश मानना होगा।

करोड़ों किसानों के लाभ से जुड़े आरबीआई का यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी विकास दर में मजबूती के लिए कृषि का प्रदर्शन हर हाल में बेहतर होना चाहिए। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कृषि सेक्टर में 3.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही जबकि मैन्यूफैक्चरिंग की विकास दर दो प्रतिशत रही। अच्छी फसल पर ही ग्रामीण मांग निर्भर करती है और ग्रामीण मांग में तेजी से ही तीसरी और चौथी तिमाही में जीडीपी में मजबूती की उम्मीद की जा सकती है।

गांवों में भी आसानी से मिलेगा लोन

अब स्माल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) यूपीआई के माध्यम से लोन दे सकेंगे। इसका फायदा यह होगा कि गांवों में भी यूपीआई से ग्रामीणों को आसानी से लोन मिल सकेगा। एसएफबी की पहुंच गांवों में अधिक है। एसएफबी के पास अभी यह सुविधा नहीं थी। आरबीआई के मुताबिक वर्ष 2019 से किसानों के लिए बिना गिरवी वाले लोन की सीमा 1.6 लाख रुपये थी। उससे पहले यह सीमा एक लाख रुपये थी।

किसानों को मिलने वाले कोलैटरल फ्री लोन की सीमा को बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया है। किसान अब बिना कुछ गिरवी रखे बैंकों से दो लाख रुपये तक का लोन ले सकेंगे। अभी तक इस लोन की सीमा 1.6 लाख रुपये थी।

रिजर्व बैंक ने किसानों के लिए कोलैटरल फ्री लोन की सीमा को 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया है। अब कोई भी किसान कृषि के लिए बिना कुछ गिरवी रखे दो लाख रुपये तक का लोन ले सकेगा। रिजर्व बैंक ने शनिवार को इसकी घोषणा की। लोन की यह बढ़ी हुई सीमा एक जनवरी 2025 से लागू होगी।

कोलैटरल फ्री वह लोन होता है जिसे बैंक बिना कुछ गिरवी रखे या बिना किसी की जमानत के देते हैं। कृषि मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय बढ़ती लागत और किसानों के लिए लोन सुलभता में सुधार की आवश्यकता को देखते हुए लिया गया है। एक बयान में मंत्रालय ने कहा कि इससे 86 फीसदी से अधिक छोटे और सीमांत भूमि धारक किसानों को काफी लाभ होगा।

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