अमेरिका-ईरान की जिनेवा वार्ता रही बेनतीजा, ट्रंप ने पश्चिम एशिया युद्ध का खतरा स्वीकारा; क्यूबा पर भी बोले

रॉयटर, जिनेवा। ईरानी परमाणु कार्यक्रम मसले पर अमेरिका और ईरान की जिनेवा में वार्ता पूरी हो गई है लेकिन कोई समझौता नहीं हुआ है।
मध्यस्थता कर रहे ओमान ने वार्ता को सकारात्मक बताया है। लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध खत्म होने के कोई संकेत नहीं हैं जिससे ईरान पर अमेरिकी हमले का खतरा खत्म होने के आसार जताए जा सकें।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वार्ता में ईरान के रुख से वह खुश नहीं हैं लेकिन सकारात्मक परिणाम के लिए भविष्य में होने वाली वार्ता का इंतजार करेंगे।
बढ़ रहे तनाव के बीच अमेरिका ने यरुशलम में नियुक्त अपने दूतावास कर्मियों में से कम जरूरी लोगों और अन्य नागरिकों को इजरायल छोड़ने के लिए कहा है।
चीन ने इजरायल में मौजूद अपने नागरिकों को सतर्क रहने के लिए कहा है। जबकि ब्रिटेन ने तेहरान स्थित अपना दूतावास अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और दूतावास कर्मियों को वापस बुलाया है।
मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल्बूसईदी ने बताया है कि अमेरिका और ईरान ने वार्ता जारी रखने का भरोसा दिया है। दोनों देश अगले सप्ताह आस्ट्रिया की राजधानी विएना में बैठक कर सकते हैं।
इस सिलसिले में अल्बूसईदी ने शुक्रवार को वाशिंगटन में अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस और अन्य अधिकारियों से बातचीत की है। लेकिन इस मसले पर सभी संबद्ध पक्ष वार्ता से संबंधित विवरण देने से बच रहे हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि हम कुछ बिंदुओं पर सहमति बनाने में सफल रहे लेकिन कुछ बिंदुओं पर हमारी असहमति बरकरार है। जबकि अमेरिका ने वार्ता को लेकर कोई बयान नहीं दिया है। लेकिन जिनेवा में गुरुवार को हुई वार्ता के सकारात्मक रहने से लग रहा है कि ईरान पर अमेरिकी हमले का खतरा कुछ दिन के लिए टल गया है।



