उत्तरप्रदेश

आधे घंटे बाथरूम में सिसका उदित, दिखाते संवेदना तो बच जाती जान, गलगोटिया यूनिवर्सिटी के छात्र ने की सुसाइड

 ग्रेटर नोएडा: नॉलेज पार्क-3 में शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे एक हॉस्टल में रहने वाले बीटेक सेकेंड ईयर के छात्र ने चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी। आरोप है कि छात्र के साथ मारपीट करने वाला हॉस्टल प्रबंधन घटना के बाद उसे छोड़कर फरार हो गया। करीब आधा घंटे बाद मौके पर पहुंचे छात्रों ने घायल को शारदा अस्पताल में भर्ती कराया।

आरोप है कि हॉस्टल प्रबंधन की मारपीट, अवैध जुर्माना वसूली और परिजनों से शिकायत के बाद छात्र मानसिक रूप से टूट गया था। घटना के बाद गुस्साए छात्रों ने सड़कों पर जमकर हंगामा किया और कई हॉस्टलों और 10 से अधिक बसों में तोड़फोड़ की। पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।उदित सोनी (झांसी) गलगोटिया यूनिवर्सिटी में बीटेक सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रहे थे। वह इकलौता बेटा है, उसकी एक बहन है। वह नॉलेज पार्क के एक निजी हॉस्टल में रहता था।

उदित सोनी की मौत केवल एक हादसा या आत्महत्या नहीं, बल्कि उस संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है, जिसने होनहार छात्र को मौत के आगोश में धकेल दिया। मारपीट की घटना के बाद 30 मिनट उदित ने हॉस्टल के बाथरूम में अकेले और घबराए हुए बिताए। यदि कोई एक शख्स भी उसे ढांढस बंधाने पहुंच जाता तो आज हालात कुछ और होते।

काउंसलिंग की जरूरत नहीं समझी

प्रत्यक्षदर्शी छात्रों के मुताबिक, मारपीट के बाद उदित मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था। वह खुद को बाथरूम में बंद कर घंटों रोता रहा और सहमा रहा। आरोप है कि हॉस्टल प्रबंधन को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी थी, लेकिन किसी ने भी उसे समझाने या उसकी काउंसलिंग करने की जरूरत नहीं समझी। वॉर्डन से लेकर सीनियर स्टॉफ तक सब तमाशबीन बने रहे।

छात्रों ने प्रबंधन पर लगाए आरोप

छात्रों का कहना है कि प्रबंधन का यही कठोर और लापरवाह रवैया उदित के लिए काल बन गया। वह अपने रूममेट्स के पास गया भी, लेकिन मन के भीतर मचे शोर ने उसे छत से छलांग लगाने पर मजबूर कर दिया। उदित के दोस्तों का कहना है कि वह पढ़ने में बहुत अच्छा और शांत स्वभाव का था। हॉस्टल में वह पिछले डेढ़ साल से रह रहा था। दोस्तों का तर्क सीधा है, अगर उदित का व्यवहार खराब होता तो प्रबंधन उसे पहले ही निकाल चुका होता। अब उसकी मौत के बाद अपनी कमियां छिपाने के लिए तमाम तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, जो एक मृत छात्र के साथ सरासर नाइंसाफी है।

छात्रों ने की तोड़फोड़

छात्रों के मुताबिक घटना के बाद गुस्साए छात्रों ने हॉस्टल में जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए और डीवीआर भी गायब कर दी गई। आशंका जताई जा रही है कि छात्रों ने पुलिस कार्रवाई और अपनी पहचान उजागर होने के डर से यह कदम उठाया।

जिला प्रशासन और पुलिस का सिर्फ दिखावा

शारदा यूनिवर्सिटी में हुई पिछली दुखद घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने बड़ी-बड़ी एडवाइजरी जारी की थी। हर हॉस्टल और कॉलेज में छात्र सुरक्षा और मेंटल हेल्थ पर सेमिनार के दावे किए गए थे, लेकिन उदित की मौत ने साबित कर दिया कि ये सब केवल डैमेज कंट्रोल के लिए किया गया दिखावा था। जब एक छात्र को सचमुच मदद की जरूरत थी तो न कोई वार्डन आया न कोई काउंसलर और न ही पुलिस को सूचना दी गई। मानवीय जिम्मेदारी निभाने के बजाय प्रबंधन ने आखें मूंद ली।

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