मेरठ में आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने पर महिला दारोगा निलंबित, साइबर सेल करेगी जांच

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में सोशल मीडिया पर महिला दारोगा अनु रानी से जुड़ा आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले में मेरठ पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन की रिपोर्ट सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया। मामले ने पुलिस महकमे में भी हलचल बढ़ा दी है। वहीं, सोशल मीडिया पर महिला दरोगा का एकाउंट भी डिलीट कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, एक यूट्यूबर ने महिला दारोगा के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर शिकायत करते हुए वीडियो जारी किया था। आरोप है कि अनु रानी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव आती थीं और लाइव के दौरान उनके पास क्यूआर कोड भी रखा रहता था। इसी बीच उनसे संबंधित एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने लगा।
पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया
वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने वीडियो की वास्तविकता, उसके स्रोत और सोशल मीडिया पर प्रसार से जुड़े तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की जिम्मेदारी साइबर प्रकोष्ठ को सौंपी है। साइबर टीम यह भी पता लगाएगी कि वायरल सामग्री में किसी तरह की छेड़छाड़ या अन्य तकनीकी बदलाव तो नहीं किए गए हैं।
सौम्या सिंह को सौंपी गई जांच
इसके साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच सीओ कार्यालय की अधिकारी सौम्या सिंह को सौंपी गई है। जांच अधिकारी सोशल मीडिया नीति, विभागीय नियमों और महिला दारोगा की गतिविधियों से जुड़े तमाम तथ्यों की जांच करेंगी। जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को भी कार्रवाई का आधार बनाया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल निलंबन के बाद विभागीय और तकनीकी जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो से जुड़े तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी
एसपी क्राइम मेरठ अवनीश कुमार ने बताया कि मामले में विभागीय जांच के साथ साइबर स्तर पर भी पड़ताल कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया
वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने वीडियो की वास्तविकता, उसके स्रोत और सोशल मीडिया पर प्रसार से जुड़े तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की जिम्मेदारी साइबर प्रकोष्ठ को सौंपी है। साइबर टीम यह भी पता लगाएगी कि वायरल सामग्री में किसी तरह की छेड़छाड़ या अन्य तकनीकी बदलाव तो नहीं किए गए हैं।
सौम्या सिंह को सौंपी गई जांच
इसके साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच सीओ कार्यालय की अधिकारी सौम्या सिंह को सौंपी गई है। जांच अधिकारी सोशल मीडिया नीति, विभागीय नियमों और महिला दारोगा की गतिविधियों से जुड़े तमाम तथ्यों की जांच करेंगी। जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को भी कार्रवाई का आधार बनाया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल निलंबन के बाद विभागीय और तकनीकी जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो से जुड़े तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी
एसपी क्राइम मेरठ अवनीश कुमार ने बताया कि मामले में विभागीय जांच के साथ साइबर स्तर पर भी पड़ताल कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।



