पीएम मोदी के साथ योग करने को देशभर में उत्साह, 6 लाख से अधिक संगठनों ने कराया पंजीकरण

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले देशभर में योग को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। आयुष मंत्रालय के योग संगम पोर्टल पर पंजीकृत संगठनों की संख्या 6 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि योग अब केवल एक स्वास्थ्य अभ्यास नहीं, बल्कि जनभागीदारी का एक व्यापक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है।
21 जून को देशभर में होगा सामूहिक योग आयोजन
21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय योग कार्यक्रम में देशभर के लाखों लोग एक साथ योग करेंगे। योग संगम पहल के तहत पंजीकृत संगठन अपने-अपने स्थानों पर सामूहिक योग सत्र आयोजित करेंगे और कॉमन योग प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनेंगे।
स्कूलों से लेकर सामाजिक संस्थाओं तक बढ़ी भागीदारी
आयुष मंत्रालय के अनुसार, हाल के दिनों में पोर्टल पर पंजीकरण की रफ्तार तेज हुई है। स्कूल, कॉलेज, सरकारी संस्थान, निजी संगठन, गैर-सरकारी संस्थाएं और सामुदायिक समूह बड़ी संख्या में इस अभियान से जुड़ रहे हैं। योग संगम का उद्देश्य देश के हर कोने में योग को जन-जन तक पहुंचाना और इसे एक साझा राष्ट्रीय स्वास्थ्य आंदोलन के रूप में स्थापित करना है।
डिजिटल मंच से जुड़ रहे हैं लाखों प्रतिभागी
योग संगम पोर्टल इस अभियान की डिजिटल रीढ़ बनकर उभरा है। इसके माध्यम से संगठन अपने कार्यक्रमों का पंजीकरण कर रहे हैं, आयोजन स्थलों की जानकारी साझा कर रहे हैं और प्रतिभागियों को जोड़ रहे हैं। यह मंच देशव्यापी समन्वय और व्यापक सहभागिता सुनिश्चित कर रहा है।
778 जिलों तक पहुंचा योग संगम अभियान
यह पहल देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तक पहुंच चुकी है और 778 जिलों को कवर कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, 3.22 लाख से अधिक सरकारी संस्थानों, लगभग 2 लाख शैक्षणिक संस्थानों, 16 हजार से अधिक निजी संस्थानों, 5 हजार से अधिक गैर-सरकारी संगठनों तथा 44 हजार अन्य संगठनों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है।
पश्चिम बंगाल और राजस्थान रहे सबसे आगे
राज्यों की बात करें तो पश्चिम बंगाल सबसे आगे है, जहां 2.76 लाख से अधिक संगठनों ने पंजीकरण कराया है। इसके बाद राजस्थान में लगभग 1.5 लाख पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिल रही है।
‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ है इस वर्ष की थीम
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रखी गई है। यह विषय जीवन के हर चरण में योग की उपयोगिता को रेखांकित करता है और स्वस्थ, सक्रिय तथा संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने का संदेश देता है।
आयुष मंत्रालय ने किया अधिक से अधिक भागीदारी का आह्वान
आयुष मंत्रालय ने देशभर के संगठनों, संस्थानों और समुदायों से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है। मंत्रालय का कहना है कि योग संगम पोर्टल पर बढ़ती भागीदारी भारत की जनभागीदारी की भावना और स्वास्थ्य के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह पहल योग को एक वैश्विक आंदोलन से आगे बढ़ाकर सामुदायिक उत्सव और राष्ट्रीय जनआंदोलन का स्वरूप दे रही है। योग के माध्यम से स्वस्थ भारत और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



