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‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को सशक्त करेगा शिक्षा विधेयक, JPC में बृजमोहन अग्रवाल की नियुक्ति

नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर लोकसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल को एक महत्वपूर्ण विधायी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025’ पर गठित संसदीय संयुक्त समिति (Joint Parliamentary Committee) का सदस्य मनोनीत किया गया है।

यह समिति देश की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त, आधुनिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से गठित की गई है। समिति का प्रमुख लक्ष्य शिक्षा क्षेत्र में संस्थागत सुधार, गुणवत्ता उन्नयन, नवाचार को बढ़ावा, समावेशी शिक्षा, शोध एवं कौशल विकास को मजबूती प्रदान करना है, ताकि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार किया जा सके।

बृजमोहन अग्रवाल के पास लगभग चार दशकों का समृद्ध विधायी एवं प्रशासनिक अनुभव है। छत्तीसगढ़ सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में उन्होंने शिक्षा, सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू किया। उनके इस व्यापक अनुभव का लाभ अब राष्ट्रीय स्तर पर इस ऐतिहासिक विधेयक को दिशा देने में मिलेगा।

इस मनोनयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रति आभार प्रकट किया।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने में शिक्षा की भूमिका सबसे निर्णायक है। ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025’ देश की शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, समावेशी, नवाचार-आधारित और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। यह संसदीय संयुक्त समिति देश के भविष्य की शैक्षणिक नींव को और अधिक मजबूत करेगी।”

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समिति शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधारों को सुनिश्चित करते हुए युवाओं को वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाएगी और भारत को ज्ञान-आधारित महाशक्ति के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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