स्वास्थ्य

प्रेग्नेंसी के दौरान इन 4 जरूरी बातों का रखेंगी ध्यान तो कभी भी विकलांग पैदा नहीं होगा बच्चा

डेस्क : गर्भावस्था किसी भी महिला का सबसे खूबसूरत पड़ाव है। हर महिला का सपना होता है कि उन्हें स्वस्थ और खूबसूरत बच्चा  पैदा हों। पर गर्भावस्था दौरान महिलाओं को कई तरह की उलझनों का सामना करना पड़ता है। कई महिलाओं के भीतर होने वाले बच्चे को लेकर तमाम तरह की आशंकाएं घेरे रहती हैं। दंपति परेशान रहते हैं कि कहीं बच्चे में कोई दिक्कत न हो जाए, कोई बीमारी न हो, वे दिन-रात यही सोचते रहते हैं कि ऐसा क्या करें, जिससे डिलीवरी में कोई परेशानी न हो, बच्‍चा भी हेल्दी पैदा हो पर कई बार बच्चा विकलांग पैदा हो जाता है। बच्चे विकलांग (Divyang) कई कारणों से हो सकते हैं, जो जन्म से पहले, जन्म के दौरान या जन्म के बाद उत्पन्न हो सकते हैं। इसे मेडिकल भाषा में “Congenital” (जन्मजात) या “Acquired” (प्राप्त)” विकलांगता कहा जाता है।

बच्चे विकलांग पैदा होने के मुख्य कारण नीचे दिए  हैं..

गर्भावस्था के दौरान कारण (Prenatal Causes)

मां को प्रेगनेंसी के दौरान जरूरी पोषण न मिलने से बच्चे को गर्भ में पोषण की कमी हो जाती है,(जैसे फोलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम)। जिससे बच्चा पेट में बढ़ नहीं पाता है।  
संक्रमण: गर्भावस्था के दौरान मां को रूबेला, साइटोमेगालो वायरस, HIV, या अन्य इंफेक्शन होना। शराब, धूम्रपान या ड्रग्स का मां द्वारा सेवन करना भ्रूण के मस्तिष्क या अंगों के विकास को प्रभावित कर सकता है। डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर होने से मां को गर्भकालीन रोग होना लाजमी है। एक्स-रे या किसी अन्य रेडिएशन के संपर्क में आना भी बच्चा विकलांग पैदा हो सकता है।

प्रसव के समय कारण (Natal Causes)

जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी के कारण या बच्चे के मस्तिष्क को ऑक्सीजन न मिलना (Hypoxia)। प्रसव में जटिलता आना, लंबा और कठिन डिलीवरी होना, सिर पर चोट लगना। समय से पहले जन्म होना, जिससे अंगों का विकास पूरा नहीं होता। कम जन्म वजन होना यह भी कई तरह की शारीरिक या मानसिक विकलांगता का कारण बन सकता है।

जन्म के बाद कारण (Postnatal Causes) :

जन्म के बाद बच्चों को तेज बुखार या मस्तिष्क का संक्रमण जैसे, मैनिंजाइटिस या इंसेफेलाइटिस से भी बच्चे के दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। बता दे कि इंसेफेलाइटिस एक घातक बीमारी है, जिसकी वजह से दिमाग में सूजन हो जाती है। बच्चा दिमागी तौर पर विकलांग हो जाता है। कई बार दुर्घटना या सिर में चोट लगना।
कुपोषण: बच्चों को पर्याप्त और संतुलित आहार न मिलना। टीकाकरण की कमी से पीलिया जैसी बीमारियों से सुरक्षा न मिलना।
जेनेटिक (अनुवांशिक) रोग: जैसे डाउन सिंड्रोम, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी।

सामाजिक और पर्यावरणीय कारण

गरीबी और शिक्षा की कमी: माता-पिता को जानकारी न होना कि गर्भावस्था के दौरान क्या सावधानी रखनी है। गर्भवती महिलाओं की समय पर देखभाल न होना। खानपान ना ध्यान रखना, स्वास्थ्य सेवाओं की अनुपलब्धता से भी बच्चा विकलांग पैदा हो सकता है।

कैसे करें रोकथाम?

गर्भधारण से पहले और दौरान नियमित हेल्थ चेकअप। संतुलित आहार और जरूरी विटामिन (विशेष रूप से फोलिक एसिड) सभी जरूरी टीकाकरण करवाना। नशे से पूरी तरह बचना। बच्चे को समय पर मेडिकल सुविधाएं देना।

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