जल संकट से ड्राई जोन, लाल पानी ने भी बढ़ाई परेशानी

जगदलपुर: बीते कई सालों से अमृत मिशन योजना अधूरी है. शहर की आधी आबादी तक पेयजल की व्यवस्था नहीं हो सकी है. करीब 20% आबादी ऐसी है, जो ड्राई जोन में रहती है. 12 वार्डों में इस आबादी के सामने इस बार मार्च महीने से ही पीने के पानी की दिक्कत हो रही है.
नलों से नहीं आ रहा पानी: नलों में पानी नहीं आ रहा है. पानी नहीं मिलने की वजह से लोग रोज निगम का चक्कर लगा रहे हैं. निगम के पास कुल 10 टैंकर हैं. राजनीतिक कार्यक्रम, प्रशासनिक और खेल गतिविधियों के अलावा अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी इन टैंकरों का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में सूखे पड़े वार्डों में लोगों को गर्मियों के दौरान पेयजल के लिए तरसना पड़ सकता है.
क्या कहते हैं जगदलपुर के नए महापौर संजय पांडे?: नए महापौर संजय पांडे खुद मानते हैं कि पर्याप्त टैंकर नहीं होने की वजह से इस सीजन में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. साल 2017-18 में शुरू की गई अमृत मिशन योजना एक अरब दो करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई थी. अब तक इसका 70% काम ही पूरा हुआ है. तीन ठेकेदार बदले जा चुके हैं.
पानी की बहुत किल्लत है. अमृत योजना की लेटलतीफी के कारण पानी नहीं मिल पा रहा है. विधायक ने हमें 10 टैंकर उपलब्ध कराए हैं. इस सीजन में हमें टैंकर के ऊपर ज्यादा ध्यान देना पड़ेगा. हमारा टारगेट है कि 6 महीने के अंदर अमृत योजना शुरू हो जाए तो 70 प्रतिशत एरिया को पानी मिल सकेगा-संजय पाडे, महापौर, जगदलपुर
महापौर संजय पांडे ने बताया कि ड्राइ जोन एरिया में पाइपलाइन भी 70 प्रतिशत ही बिछ पाई है. इस काम में भी तेजी लाएंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि ”कांग्रेस के कुशासन में ठेकेदार भाग गए. हम सब व्यवस्थित कर पानी की सुलभ व्यवस्था करेंगे.”
“लाल पानी वाले हैंडपंप को करेंगे बंद”: महापौर ने बताया कि हैंडपंप खराब हो जाता है तो लाल पानी आने लगता है. यह निस्तार में उपयोग होता है लेकिन निस्तार के पानी को भी लोग गलती से पी लेते हैं, जिसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. ऐसे में हैंडपंप में लाल पानी या फ्लोराइड युक्त पानी आने पर उसे तत्काल बंद कर देना ठीक रहता है. हेंडपंप खराब नहीं हैं. हेंडपंप सूख गए हैं, क्योंकि पानी खराब हो गया है.



