क्या ‘कन्फ्यूजन’ अमेरिका की पॉलिसी का हिस्सा? चौंकाने वाली इमेज बनाए रखना चाहते हैं ट्रंप

नई दिल्ली: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ (शुल्क) को लेकर आक्रामक आर्थिक नीति कई विरोधाभासी विचारों से भरी है। उनके सलाहकार भी अलग-अलग बातें कर रहे हैं। एक तरफ, उनका कहना है कि दूसरे देश अमेरिका को लूट रहे हैं और उन्हें रोकना जरूरी है। दूसरी तरफ, वे कनाडा, मेक्सिको और चीन के साथ ड्रग्स की लड़ाई की बात कर रहे हैं। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि टैरिफ से देश के 36 ट्रिलियन डॉलर के कर्ज को कम करने में मदद मिलेगी। लेकिन, इन सब बातों के बीच अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर ट्रंप के टैरिफ का असर दिख रहा है। कनाडा, मेक्सिको और चीन से आने वाले सामानों पर भारी शुल्क लगाने से अनिश्चितता बढ़ गई है। इससे व्यापार में निवेश और लोगों का भरोसा कम हुआ है। शेयर बाजार में भी लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। इस वजह से फेडरल रिजर्व (अमेरिकी केंद्रीय बैंक) भी ब्याज दरों को कम करने से हिचकिचा रहा है। वह इंतजार कर रहा है कि ट्रंप आगे क्या कदम उठाते हैं और उसका अर्थव्यवस्था पर क्या असर होता है।
ट्रंप और उनके सलाहकार अपनी आर्थिक रणनीति को स्पष्ट करने के बजाय अनिश्चितता को ही अपनी नीति का हिस्सा मान रहे हैं। व्हाइट हाउस के नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल के डायरेक्टर केविन हैसेट ने सीएनबीसी पर कहा कि 2 अप्रैल तक कुछ अनिश्चितता रहेगी। ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या वह कारोबारियों को अपनी नीति के बारे में स्पष्ट जानकारी देंगे तो उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कंपनियों को निश्चितता की जरूरत है। उन्होंने फॉक्स न्यूज पर मारिया बार्टिरोमो को बताया कि वह ऐसा कहते हैं, यह कहना अच्छा लगता है। लेकिन, सालों से बड़े वैश्विक खिलाड़ी अमेरिका को लूट रहे हैं। वे अमेरिका से पैसा निकाल रहे हैं। हम सिर्फ कुछ पैसा वापस ले रहे हैं। हम अपने देश के साथ न्याय करेंगे।
मंदी की आशंका से नहीं किया जा रहा इनकार
ट्रंप ने मंदी की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। अर्थशास्त्रियों और विश्लेषकों का कहना है कि इस अनिश्चितता के कारण मंदी की आशंका बढ़ सकती है। फेडरल रिजर्व ने भी इस अनिश्चितता पर ध्यान दिया है। उसने ब्याज दरों को स्थिर रखा है। अमेरिका की अर्थव्यवस्था के लिए ज्यादा महंगाई और धीमी ग्रोथ का अनुमान लगाया है। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने कहा कि अनिश्चितता बहुत ज्यादा है।



