क्या सच में दुश्मन से बदला लेती है नागिन? सच्चाई जानकर बदल जाएगी आपकी सोच

एक मिथक है कि कोई सांप को किसी प्रकार से चोट पहुंचाता है, तो वह आपको हमेशा याद रखते हैं और बदला भी लेते हैं। आपने कई फिल्मों में भी ऐसा देखा होगा।
हिंदू धर्म में सांपों का पौरिणक महत्व बताया गया है। भारत में सापों की पूजा होती है। भगवान शिव ने अपने गले में नाग को धारण किया हुआ है, तो वहीं भगवान विष्णु सात सिर वाले शेषनाग की शैय्या पर आsराम करते हैं। पौराणिक कथाओं में खास शक्तियों वाले सांपों के सैकड़ों संदर्भ मिलते हैं। ऐसे में सांपों को लेकर हजारों मान्यताएं और मिथक हैं।
इनमें से अधिकांश मिथक सपेरों द्वारा फैलाए जाते हैं, जैसे, ”सांप दूध पीते हैं, सांपों के माथे पर नागमणि होता है। एक मिथक यह भी है कि सांप के आंखों में कातिल की तस्वीर कैद हो जाती है और वो दुश्मन से बदला लेते हैं। आपने भी इस तरह की कई बातें जरूर सुनी होंगी, लेकिन इनमें कितनी सच्चाई हैं, आइए आज हम आपको बताते हैं।
क्या सांप दुश्मन से लेते हैं बदला?
एक मिथक है कि कोई सांप को किसी प्रकार से चोट पहुंचाता है, तो वह आपको हमेशा याद रखते हैं और बदला भी लेते हैं। आपने कई फिल्मों में भी ऐसा देखा होगा। सांप अपनी आंखों में कातिल की तस्वीर कैद कर लेते हैं और साथी नागिन बदला लेती है।
वैज्ञानिक तौर पर ऐसा नहीं होता है, क्योंकि सांप इंसान के चेहरे को पहचानने या याद रखने में सक्षम नहीं होते हैं। सांप का दिमाग सामान्य होता है और वो चेहरे को पहचानने में सक्षम नहीं हैं। सांपों में बदला लेने के लिए लोगों या स्थानों को याद रखने की आवश्यक दिमाग नहीं होता है। इस मिथक के लिए हिंदी फिल्मों को भी जिम्मेदार माना गया है।
प्रतिशोधी जानवर नहीं होते हैं सांप
आपने कई बार सुना होगा कि अगर आपने किसी सांप को मार दिया तो उसका साथी आपको ढूंढ लेगा, लेकिन यह भी एक मिथक है। असल में सांप प्रतिशोधी जानवर नहीं होते और उन्हें चोट पहुंचाने वाले लोगों का पीछा करने या उनका पता लगाने में कोई दिलचस्पी नहीं होती। सबसे खास बात यह है कि सांप की मौत होने पर उसका तांत्रिक तंत्र काम नहीं करता है। ऐसे में किसी भी तस्वीर या याद को आंखों में कैद होना बिल्कुल संभव नहीं है।



