क्या कोलेस्ट्रॉल की दवा जिंदगी भर लेनी पड़ती है? क्या इसे रोज लेने से हार्ट अटैक नहीं आता,

Cholesterol Drugs and Heart Risk: कोलेस्ट्रॉल के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और इसमें युवाओं की तादाद बहुत ज्यादा है. कोलेस्ट्रॉल हमारे खून में पाया जाने वाला मोम जैसा पदार्थ है, जो नॉर्मल से ज्यादा हो जाए, तो स्ट्रोक और हार्ट अटैक की वजह बन सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो खराब लाइफस्टाइल, तला-भुना खाना, कम फिजिकल एक्टिविटी और अत्यधिक तनाव के कारण शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है. कई बार कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव करना पड़ता है, तो कुछ मरीजों को डॉक्टर स्टैटिन जैसी दवाएं देते हैं. अधिकतर मरीजों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या यह दवा जिंदगी भर लेनी पड़ेगी? इस बारे में कार्डियोलॉजिस्ट से जान लेते हैं.
नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल की सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वनीता अरोरा ने News18 को बताया कि शरीर में जब बैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL का स्तर सामान्य से ज्यादा हो जाता है, तब यह खून की धमनियों में जमा होने लगता है. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने और कार्डियोवैस्कुलर डिजीज से बचने के लिए मरीजों को दवा लेने की सलाह दी जाती है. आमतौर पर मरीजों को स्टैटिन दवा दी जाती है, जो सबसे कॉमन और असरदार है. अगर इस दवा के साथ लाइफस्टाइल और खानपान में सुधार कर लिया जाए, तो अच्छा रिजल्ट मिल सकता है.
क्या यह दवा जिंदगी भर लेनी पड़ती है?
डॉक्टर वनीता ने बताया कि अधिकतर मरीजों का सवाल होता है कि कोलेस्ट्रॉल की दवा जिंदगी भर लेनी पड़ेगा या यह भी बंद हो सकती है. इसका सीधा जवाब है कि यह सब मरीज की कंडीशन पर डिपेंड करता है. जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल लेवल बहुत ज्यादा नहीं है और वे डाइट, एक्सरसाइज और वजन घटाकर इसे कंट्रोल कर लेते हैं, तो उनकी दवा को धीरे-धीरे बंद किया जा सकता है. हालांकि जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल लेवल अनकंट्रोल रहता है और पहले हार्ट अटैक, स्ट्रोक या आर्टरी ब्लॉकेज की समस्या हो चुकी है, तो डॉक्टर ऐसे मरीजों को अक्सर लंबे समय तक या जिंदगी भर दवा लेने की सलाह देते हैं. ध्यान रखने वाली बात यह है कि किसी भी मरीज को डॉक्टर की सलाह के बिना अपनी मर्जी से यह दवा बंद नहीं करनी चाहिए.



