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क्या राष्ट्र हित पर राजनीति करके फंस गया विपक्ष, ऑल पार्टी डेलिगेशन पर एक-एक करके बिखर गया इंडिया ब्लॉक

नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर की सबसे बड़ी ताकत ये रही कि इसको लेकर पूरा भारत राजनीतिक तौर पर भी एकजुट नजर आया। भारतीय सशस्त्र सेना ने इस ऑपरेशन में अपना लक्ष्य बहुत ही सटीकता से हासिल किया और पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकवादियों के 9 बड़े ठिकानों को पूरी तरह से मिट्टी में मिलाने में सफलता भी हासिल की। लेकिन, इसके बाद इस मुद्दे पर भी राजनीति शुरू हो चुकी है और कूटनीतिक स्तर पर भारत की बात दुनिया भर के देशों के सामने रखने के लिए जा रहे सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को लेकर भी विवाद खड़ा किया जा रहा है। लेकिन, जिस तरह से प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने, चाहे वे किसी भी दल के हैं, उन्होंने सरकार के कदमों को सराहा है, उससे राष्ट्र हित के इस मोर्चे पर भी विपक्षी इंडिया ब्लॉक बुरी तरह से बिखरा हुआ दिख रहा है।

ऑल पार्टी डेलिगेशन पर भी बिखर गया इंडिया ब्लॉक

पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत के रुख पर दुनिया भर के देशों का विश्वास हासिल करने के लिए विदेश दौरे पर जा रहे ऑल पार्टी डेलिगेशन में केंद्र सरकार ने विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों और प्रमुख नेताओं को शामिल किया है। इसके पीछे की वजह ये है कि राष्ट्र हित के इस मुद्दे पर भारत की एकजुटता का संदेश दुनिया भर के देशों तक पहुंचे। विपक्ष के जिन सांसदों को इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनाया गया है, उन्होंने सरकार के फैसले की जमकर सराहना की है। जबकि, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियों की ओर से आधिकारिक तौर पर इस मामले में सरकार की ओर से सदस्यों के चयन के तरीके को लेकर सवाल उठाया जा रहा है।

मुस्लिम लीग और सीपीएम सरकार के फैसले से खुश

विदेश जाने वाले ऑल पार्टी डेलिगेशन को लेकर विपक्षी इंडिया ब्लॉक में किस कदर बिखराव दिख रहा है, इसका एक बड़ा उदाहरण लोकसभा में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग(IUML) के नेता ईटी मोहम्मद बशीर हैं। केरल की इस पार्टी का कांग्रेस के साथ दशकों पुराना गठबंधन है। केरल में यह यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के तहत (UDF) कांग्रेस की सहयोगी है तो राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया ब्लॉक का हिस्सा है। बशीर ने ET से कहा है, ‘यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि मैं विश्व राष्ट्रों के सामने अपने राष्ट्रीय कारण को प्रस्तुत करने वाले दल में शामिल हूं। हम आतंकवाद के खतरे और पाकिस्तान की गतिविधियों के बारे में भी बात करेंगे। हम पाकिस्तान के गलत कामों को दुनिया को दिखाएंगे।’ केरल में UDF से सत्ताधारी LDF (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) की लड़ाई चलती है, जिसकी कमान CPM के हाथों में है; और वह भी इंडिया ब्लॉक में शामिल है। CPM सांसद जॉन ब्रिटास भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। वे कहते हैं, ‘विदेश में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए हम खुश हैं। राष्ट्र के विशाल हित में काम करना हमारे लिए खुशी की बात है..कई मुद्दों पर सरकार के साथ हमारे मतभेद हैं…’

एनसीपी (एसपी) और शिवसेना (यूबीटी) एमपी भी गदगद

एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की अगुआई NCP (SP) की सांसद सुप्रिया सुले कर रही हैं। उन्होंने सरकार की ओर से प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनाए जाने पर X पर लिखा, ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैं भारत की तरफ से एक खास ग्रुप में शामिल हो रही हूं। यह ग्रुप अलग-अलग पार्टियों के लोगों से मिलकर बना है। हम सब मिलकर दुनिया के सामने भारत का पक्ष रखेंगे। मैंने यह जिम्मेदारी खुशी से स्वीकार कर ली है। मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मंत्री किरेन रिजिजू जी और विदेश मंत्रालय को धन्यवाद देती हूं।’ महाराष्ट्र में सुले की पार्टी कांग्रेस और शिवसेना (UBT) के साथ विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) का हिस्सा है। केंद्र में ये सारे दल इंडिया ब्लॉक के घटक दल हैं। इसी तरह शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनने पर खुद को गौरवांवित महसूस कर रही हैं। वह ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी मोदी सरकार के फैसले की सराहना कर रही हैं तो सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने को लेकर X पर कहा है, ‘मुझे बहुत खुशी है कि मैं मिशन सिंदूर का हिस्सा बन रहा हूं। रवि शंकर जी के नेतृत्व में, हम सब मिलकर पश्चिमी यूरोप जा रहे हैं। यह सभी पार्टियों का एक साथ मिलकर किया जा रहा प्रयास है। हमारा मकसद है कि दुनिया को पता चले कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। हम पाकिस्तान की सच्चाई दुनिया के सामने लाना चाहते हैं। यह आतंकवाद के खिलाफ हमारा ‘एकजुट प्रयास’ है। हम ‘फाइट बैक’ कर रहे हैं।’

मनीष तिवारी ने तो देशभक्ति गीत के जरिए किया इरादा साफ

विवाद कांग्रेस ने अपने सांसद शशि थरूर को उससे बिना पूछे इस मिशन पर भेजने के सरकार के फैसले को लेकर शुरू किया था। फिर TMC और उसकी प्रमुख ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के सांसद यूसुफ पठान को इसमें बिना पूछे शामिल करने पर आपत्ति जताई और उन्हें इस अभियान पर भेजने से इनकार कर दिया। लेकिन, कांग्रेस की आपत्ति को दरकिनार करके सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल पार्टी के एक और सांसद मनीष तिवारी ने भी X का इस्तेमाल करते हुए सरकार के फैसले पर अपना इरादा साफ कर दिया है। उन्होंने एक देशभक्ति गीत का वीडियो डाला और लिखा, ‘फिल्म ‘आक्रमण’ (1975) का यह गाना हमें बताता है कि देश की पुकार का जवाब कैसे देना चाहिए।’ तिवारी ने गाने की लाइनें भी लिखीं, देखो वीर जवानों अपने खून पे ये इल्जाम ना आए, मां ना कहे के मेरे बेटे वक्त पड़ा तो काम ना आए।’

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