स्वास्थ्य

डायरिया का कहर: देश के कई राज्यों में दस्त ने मचाया हड़कंप, जानिए संक्रमण से बचाव के उपाय

डेस्क: देश में मानसून की शुरुआत के साथ ही डायरिया (Diarrohea) के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। दूषित पानी और खराब सफाई व्यवस्था के कारण यह संक्रमण कई राज्यों में फैल चुका है। ओडिशा, पंजाब, कर्नाटक, हरियाणा और कोलकाता जैसे राज्यों और शहरों में इसके मामले लगातार सामने आ रहे हैं। डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि थोड़ी-सी सावधानी और सही खानपान से इससे बचाव संभव है।

ओडिशा में डायरिया के सबसे ज़्यादा केस

ओडिशा इस समय डायरिया का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बना हुआ है। राज्य में लगभग 500 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से गंजाम जिला सबसे ज़्यादा प्रभावित है। यहां अब तक संक्रमण से दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसके अलावा जाजपुर, ढेंकनाल, कटक, भद्रक सहित आठ जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग इन क्षेत्रों में साफ पानी की व्यवस्था, घर-घर जाकर जांच और दवाइयों का वितरण कर रहा है।

पंजाब के पटियाला में स्थिति गंभीर

पंजाब में खासकर पटियाला जिले में डायरिया का प्रकोप देखने को मिला है। यहां एक 61 वर्षीय मरीज की मौत भी हो चुकी है। मंगलवार को राज्य में 21 नए केस दर्ज हुए, जिससे कुल मामलों की संख्या 106 पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग ने जल आपूर्ति की जांच शुरू कर दी है और खराब पानी के सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं।

कर्नाटक के यादगीर जिले में दूषित पानी बना कारण

कर्नाटक के यादगीर जिले में भी डायरिया के मामले तेजी से बढ़े हैं। यहां अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। गांवों में दूषित पानी पीने के कारण लोग उल्टी-दस्त जैसी समस्याओं से ग्रसित हो रहे हैं। तिप्पनदी गांव में ही पिछले हफ्ते पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सरकार ने गांवों में साफ पानी पहुंचाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।

 हरियाणा के दो जिलों में डायरिया फैलाव

हरियाणा के कुरुक्षेत्र और पानीपत जिलों में भी डायरिया के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बारिश और नमी के कारण बैक्टीरिया तेजी से पनप रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में डायरिया के मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कुछ जगहों पर विशेष ओपीडी कैंप लगाए गए हैं ताकि लोगों को तुरंत इलाज मिल सके।

कोलकाता में भी दस्त के लक्षण दिखने लगे

कोलकाता में हालांकि अब तक सिर्फ एक मरीज अस्पताल में भर्ती हुआ है, लेकिन उल्टी और दस्त के लक्षणों के साथ कई मरीज निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। अस्पताल प्रशासन अलर्ट मोड पर है और प्राथमिक जांच के बाद उपचार शुरू कर रहा है।

बरसात में डायरिया से बचने के उपाय

 साफ और उबला हुआ पानी ही पिएं: बारिश के मौसम में पानी में सबसे ज़्यादा संक्रमण होता है। ऐसे में नल या हैंडपंप का कच्चा पानी पीने से बचें। हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया गया पानी ही पिएं। बाहर जाते समय बोतलबंद पानी लेकर चलें।

 बाहर का खाना बिल्कुल न खाएं: स्ट्रीट फूड, खुले में बिकने वाले कटे फल, बासी खाना और मिठाइयों से परहेज करें। यह खाने की चीजें बारिश में जल्दी खराब हो जाती हैं और बैक्टीरिया का घर बन जाती हैं।

 स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें: खाना खाने से पहले और शौच के बाद हाथ जरूर धोएं। साबुन या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। रसोई घर और बाथरूम को हर दिन साफ रखें। सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें।

 हल्का और सुपाच्य भोजन लें: डायरिया होने पर शरीर से पानी और नमक की मात्रा तेजी से निकलती है। ऐसे में दही, केले, खिचड़ी, उबले आलू जैसे सुपाच्य और हल्के खाने को प्राथमिकता दें। नमक-चीनी का घोल (ORS) या नींबू-पानी जैसे घरेलू उपाय बेहद कारगर हैं।

बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान: बच्चों को बाहर का खाना बिल्कुल न दें और उनका हाइड्रेशन बनाए रखें। हरियाणा और ओडिशा जैसे राज्यों में सरकार की ओर से ORS और ज़िंक किट भी वितरित की जा रही है।

डायरिया एक आम लेकिन गंभीर संक्रमण है, जो साफ-सफाई और खानपान में ज़रा सी लापरवाही से तेजी से फैल सकता है। इस मानसून अगर थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो इस बीमारी से बचाव पूरी तरह संभव है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए सावधान रहना बेहद जरूरी है।

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