संपादकीय

देश के अस्पतालों में अग्निकांडों के परिणामस्वरूप हो रही मौतें

इन दिनों देश के विभिन्न हिस्सों में छोटी-बड़ी इमारतों में आग लगने की खबरें लगातार आ रही हैं। इनमें काफी लोगों की मौत होने के अलावा बड़ी संख्या में लोग घायल हो रहे हैं। यही नहीं देश के अस्पताल भी लगातार अग्निकांडों के शिकार हो रहे हैं : 

* 21 सितम्बर, 2023 को कानपुर के एक अस्पताल में आग लग जाने से वहां उपचाराधीन एक महिला की झुलस जाने से मृत्यु हो गई।
* 29 नवम्बर, 2023 को बरेली (उत्तर प्रदेश) स्थित जिला महिला अस्पताल के ‘स्पैशल न्यूबोर्न केयर यूनिट’ (एस.एन.सी.यू.) में आग लग गई, जिससे वहां भर्ती 11 बच्चों में से एक की मौत हो गई।
* 1 दिसम्बर, 2023 को भोजपुर (बिहार) स्थित सदर अस्पताल के आप्रेशन थिएटर में आग लग गई तथा डाक्टर आप्रेशन को बीच में ही छोड़ कर बाहर निकल भागे तथा अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। 

* 14 दिसम्बर, 2023 को विशाखापत्तनम स्थित ‘इंडस अस्पताल’ में आग लगने से वहां उपचाराधीन मरीजों तथा स्टाफ में दहशत फैल गई और वहां उपचाराधीन 50 रोगियों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट करना पड़ा। 

* 16 दिसम्बर, 2023 को हैदराबाद (तेलंगाना) के एक अस्पताल की दसवीं मंजिल पर लगी आग पांचवीं मंजिल तक फैल जाने से अस्पताल के कुछ हिस्सों में सब कुछ जल कर राख हो गया। 
* 18 दिसम्बर, 2023 को लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के ‘संजय गांधी पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टीच्यूट ऑफ मैडीकल साइंसेज’ के पुराने ऑप्रेशन थिएटर में शॉर्ट सर्किट के परिणामस्वरूप वैंटीलेटर फटने के कारण आग लगने से 2 मरीजों की मौत हो गई तथा 2 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के समय एक महिला की एंडो सर्जरी और एक बच्चे की हार्ट सर्जरी हो रही थी। 

* 31 दिसम्बर, 2023 को रोहिणी (दिल्ली) स्थित ‘बाबा साहिब अम्बेदकर अस्पताल’ की पांचवीं मंजिल पर स्थित यूरोलोजी विभाग में प्राथमिक उपचार के दौरान इस्तेमाल होने वाले ‘बायो वेस्ट’ में आग लगने से हड़कंप मच गया जिस पर दमकल की 8 गाडिय़ों ने कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया।
* 3 जनवरी, 2024 को मुरैना (मध्य प्रदेश) के जिला अस्पताल के ‘स्पैशल न्यूबोर्न केयर यूनिट’ वार्ड में आग लगने से हड़कंप मच गया और वहां उपचाराधीन शिशुओं को वार्ड से तुरंत निकाल कर दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया गया। 

* 8 जनवरी, 2024 को हाथरस (उत्तर प्रदेश) में ‘बागला’ जिला अस्पताल में बिजली के पैनल बॉक्स में एक धमाके के साथ आग लग जाने से चिकित्सक तथा पैरामैडीकल स्टाफ अपने कमरों को छोड़ कर भाग खड़ा हुआ और ओ.पी.डी. परिसर आग बुझने के बाद भी लगभग 2 घंटे धुएं से भरा रहा। 
इस अस्पताल में कुछ ही समय पूर्व 1.84 करोड़ रुपए की लागत से अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाए गए थे। इस अग्निकांड के परिणामस्वरूप उनकी कलई खुल गई। आग लगने के बावजूद चेतावनी अलार्म तक नहीं बजा। 

* 14 जनवरी, 2024 को कपूरथला सिविल अस्पताल के एक क्वार्टर में आग लगने के परिणामस्वरूप एक व्यक्ति और पालतू कुत्ता जिंदा जल गए तथा 3 महिलाएं भी झुलस गईं। घर का सारा सामान भी जल कर राख हो गया 
* 15 जनवरी, 2024 को विदिशा (मध्य प्रदेश) स्थित ‘लटेरी’ के सरकारी अस्पताल के स्टोर रूम में शॉर्ट सॢकट के कारण धमाके से आग लग गई। 

* 16 जनवरी, 2024 को सुपौल (बिहार) के सदर अस्पताल के पुराने टी.बी. वार्ड में शॉर्ट सर्किट से आग लग जाने के कारण फर्नीचर और वहां रखे कागजात जल कर राख हो गए। 
* 20 जनवरी, 2024 को देर रात पौने 2 बजे मुम्बई के विक्रोली स्थित ‘डा. अम्बेदकर अस्पताल’ में आग लगने के बाद गंभीर रूप से घायल 6 रोगियों को आई.सी.यू. में भर्ती करवाया गया। इस तरह की घटनाओं के दृष्टिगत अस्पतालों में बिजली की वायरिंग आदि की विस्तृत जांच करने और अग्निशमन प्रबंध मजबूत करने की जरूरत है, ताकि जीवन दान देने वाले अस्पतालों को वहां उपचाराधीन रोगियों की मौत का कारण बनने से रोका जा सके।

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