नगर पालिका अध्यक्ष के आश्वासन के बाद भी नहीं हो पाई परिषद की बैठक, नाराज कांग्रेस पार्षदों ने नगर पालिका में दिया धरना

आरंग। नगर पालिका परिषद आरंग इस वक्त सियासत और जन-आक्रोश का अखाड़ा बनी हुई है। प्रशासन की कार्यप्रणाली और अध्यक्ष के कथित ‘तानाशाही रवैये’ से क्षुब्ध कांग्रेस पार्षदों ने आज पालिका परिसर के मुख्य द्वार पर एक दिवसीय धरना देकर व्यवस्था के खिलाफ बिगुल फूंक दिया। विपक्ष का सीधा आरोप है कि पिछले 6 महीनों से सामान्य सभा की बैठक न बुलाकर शहर के विकास का गला घोंटा जा रहा है।
पार्षदों ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी 12 सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आरंग की सड़कों पर उग्र आंदोलन और नगर पालिका का घेराव किया जाएगा।
आपको बता दें कि लंबे समय के बाद बीते 23 जनवरी को सामान्य सभा की बैठक रखी गई थी, लेकिन बैठक में जनहित से जुड़े एजेंडे शामिल नहीं होने से सत्ता पक्ष यानी भाजपा के पार्षदों ने परिषद की बैठक का बहिष्कार कर दिया था। तब खुद नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन ने 10 दिनों में सामान्य सभा की बैठक करवाने का आश्वासन दिया था। अब एक महीने से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन सामान्य सभा की बैठक कब होगी इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
बैठक नहीं होने से नाराज कांग्रेस पार्षदों ने धरने पर बैठकर प्रशासन को घेरते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षदों का कहना है कि 23 जनवरी की स्थगित बैठक के बाद अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन ने 10 दिनों में दोबारा बैठक बुलाने का वादा किया था, जो आज तक अधूरा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित किस्तें, वृद्धावस्था पेंशन और राष्ट्रीय परिवार सहायता जैसी बुनियादी योजनाओं को लटकाने का आरोप लगाया गया है। शहर में फल-फूल रहे अवैध प्लॉटिंग के कारोबार और बिना जांच जारी किए गए N.O.C. को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है। पार्षदों ने इसमें शामिल अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग कर विभाग में हड़कंप मचा दिया है।
झलमला तालाब सौंदर्यकरण में ठेकेदार की मनमानी और STP मशीन न लगाए जाने को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने शहर की बदहाली पर दुख जताते हुए कहा कि आज पूरे आरंग में स्ट्रीट लाइटें जगह-जगह बंद पड़ी हैं और साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है, जबकि सत्तासीन लोग बैठकों से भाग रहे हैं।
कांग्रेस पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। जब सामान्य सभा ही नहीं होगी, तो जनता की समस्याओं की आवाज़ कहाँ गूँजेगी? हमने 18 फरवरी को चेतावनी दी थी, लेकिन प्रशासन की बहरापन हमें सड़क पर ले आया है।
पार्षदों ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। अब देखना यह है कि पालिका प्रशासन इस ‘हल्लाबोल’ के बाद जागता है या शहर में आंदोलन की आग और भड़केगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ शीतल चंद्रवंशी ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष ने जल्द ही सामान्य सभा की बैठक बुलाने का आश्वासन दिया है। अवैध प्लॉटिंग के आरोपों पर उन्होंने कहा कि प्रशासन ने किसी भी प्रकार की NOC जारी नहीं की है। सीएमओ के अनुसार, 20 लोगों की सूची तैयार है जिन्हें प्रतिबंधित किया गया है, और वर्तमान में लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं।
इस प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष शरद गुप्ता के नेतृत्व में पार्षद ईश्वर पटेल, खिलावन निषाद, दीक्षा सूरज सोनकर, समीर गोरी सहित पूर्व पालिका अध्यक्ष चंद्रशेखर चंद्राकर, चंद्रकला साहू, मंगलमूर्ति अग्रवाल, बृजेन्द्र लोधी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी।



