दिल्ली में AAP का खेल बिगाड़ेगी कांग्रेस!, ‘हाथ बदलेगा हालात’ की रणनीति

नई दिल्ली: कांग्रेस ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ शुक्रवार को उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया। पार्टी ने अलका लांबा को कालकाजी सीट से टिकट दिया है। इसी के साथ देश की मुख्य विपक्षी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया कि वो आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में पूरी तैयारी से दावेदारी करेगी। ऐसा इसलिए भी लग रहा क्योंकि कांग्रेस उम्मीदवारों के चयन से लेकर राजनीतिक बयानबाजी तक हर मोर्चे पर AAP को कड़ी टक्कर देती दिख रही है। यही नहीं कांग्रेस नेता दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी को घेरने का कोई मौका हाथ से नहीं देना चाह रहे। यही वजह है कि पार्टी एक्साइज पॉलिसी केस से लेकर दूसरे मुद्दे उठाकर आप को टारगेट करने की तैयारी में है। पांच प्वाइंट्स से समझिए क्या है कांग्रेस की ‘हाथ बदलेगा हालात’ की रणनीति।
2024 में थे साथ, अब कांटे की टक्कर
2024 के लोकसभा चुनाव में आप और कांग्रेस ने इंडिया गठबंधन के तहत एक साथ दिल्ली की सात सीटों पर दावेदारी की थी। उस समय आप ने 4 सीटों पर उम्मीदवार उतारे तो कांग्रेस ने 3 सीट पर अपने कैंडिडेट दिए। हालांकि, दोनों दलों को कामयाबी नहीं मिली और सभी सात सीटें बीजेपी के पास गई। इसी के बाद से ये कयास लग रहे थे शायद ही दिल्ली चुनाव कांग्रेस-आप साथ लड़ें। अब ऐसा ही देखने को मिल रहा। वहीं कांग्रेस, दिल्ली की अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए जबरदस्त प्लानिंग से आगे बढ़ रही।
आतिशी के खिलाफ अलका
आम आदमी पार्टी के दो दिग्गजों अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के खिलाफ कांग्रेस ने पहले ही मजबूत कैंडिडेट उतार कर मुकाबले को रोचकर बना दिया था। अब कांग्रेस ने दिल्ली की सीएम आतिशी के खिलाफ कालका जी से अपनी कद्दावर नेता अलका लांबा को टिकट दिया है। पार्टी के इस दांव से स्पष्ट हो गया कि आतिशी के लिए इस बार का मुकाबला आसान नहीं होने वाला है। अभी बीजेपी ने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। ऐसे में तय माना जा रहा कि दिल्ली का रण त्रिकोणीय रहेगा।
कांग्रेस ने उतारे मजबूत उम्मीदवार
कांग्रेस नेतृत्व ने अब तक 48 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है। कांग्रेस की लिस्ट देखें तो पार्टी ने आप के दिग्गज नेताओं के मुकाबले काफी मजबूत कैंडिडेट उतारे हैं। फिर चाहे केजरीवाल की नई दिल्ली सीट हो, जहां कांग्रेस ने पूर्व सीएम शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित को उम्मीदवार बनाया है। या फिर मनीष सिसोदिया की जंगपुरा सीट हो, जहां कांग्रेस ने पूर्व महापौर फरहाद सूरी को टिकट दिया है। दिल्ली कांग्रेस चीफ देवेंद्र यादव बादली से चुनाव लड़ रहे। आप से कांग्रेस में आए पूर्व मंत्री आसिम अहमद खान, पूर्व विधायक अब्दुल रहमान और देवेंद्र सहरावत को भी चुनावी रण में उतारा गया है।
संदीप दीक्षित का रुख
कांग्रेस ने जिस तरह से आप को टारगेट करते हुए चुनावी फोकस बढ़ाया है उससे आम आदमी पार्टी नेतृत्व की टेंशन मानो बढ़ सी गई है। यही वजह है कि आम आदमी पार्टी ने भी बीजेपी पर कांग्रेस की मदद का आरोप मढ़ दिया। ऐसे में कांग्रेस नेता भी पलटवार का मौका हाथ से जाने नहीं दे रहे। तभी तो पूर्व सांसद और पार्टी के कैंडिडेट संदीप दीक्षित ने पिछले दिनों आप मुखिया अरविंद केजरीवाल को ‘पैथोलॉजिकल लायर’ यानी आदतन झूठा करार दे दिया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने पिछले 13 साल में जितने आरोप लगाए और दावे किए, उन्हें साबित नहीं कर पाए। इतना ही नहीं संदीप दीक्षित ने दिल्ली की सीएम आतिशी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह पर मानहानि का केस करने की भी धमकी दी।


