बिहार से सीख गई कांग्रेस, इस राज्य में चुनाव से काफी पहले कर ली सीट शेयरिंग, NDA ही हालत है पतली

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान महागठबंधन के घटक दलों के बीच आखिर तक सीट का बंटवारा नहीं हो सका था. मतदान से पहले किसी तरह से सहमति बनाई गई थी. नतीजा यह हुआ कि कई विधानसभा सीटों पर अलायंस पार्टनर के बीच ‘फ्रेंडली फाइट’ हुई थी. बिहार चुनाव का नतीजा भी वैसा ही रहा. महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा. लगता है कांग्रेस ने बिहार चुनाव से बड़ी सीख लेते हुए तमिलनाडु में इस न दोहराने का संकल्प लिया है. शायद यही वजह है कि प्रदेश में सत्तारूढ़ डीएमके और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बन गई है. अब इसका औपचारिक ऐलान होना बाकी है. दूसरी तरफ, ओ. पन्नीरसेल्वम ने भी डीएमके का झंडा थाम लिया है. इससे NDA फिलहाल दोराहे पर खड़ा है. एनडीए में अभी तक सीट शेयरिंग नहीं हुई है.
तमिलनाडु की सियासत में विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की तस्वीर अब साफ होती दिख रही है. सत्तारूढ़ डीएमके (Dravida Munnetra Kazhagam ) ने सीट बंटवारे की प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत करते हुए दो मुस्लिम दलों के साथ समझौता पक्का कर लिया. पार्टी मुख्यालय में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन Indian Union Muslim League (आईयूएमएल) और Manithaneya Makkal Katchi (एमएमके) को दो-दो विधानसभा सीटें आवंटित करने की घोषणा की. आईयूएमएल अपने ‘सीढ़ी’ चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ेगी, जबकि एमएमके के उम्मीदवार डीएमके के ‘राइजिंग सन’ सिंबल पर मैदान में उतरेंगे. इसे डीएमके की उस रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें वह सहयोगी दलों को सीमित सीटें देकर भी गठबंधन को एकजुट और नियंत्रित रखना चाहती है.
कांग्रेस से गतिरोध टूटा
शनिवार का दिन डीएमके और कांग्रेस के बीच बातचीत के लिहाज से भी अहम रहा. पिछले कुछ समय से दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या को लेकर गतिरोध बना हुआ था. कांग्रेस जहां अधिक सीटों की मांग कर रही थी, वहीं डीएमके सीमित सीटें देने के पक्ष में थी. हालांकि, ताजा बातचीत सौहार्द्रपूर्ण और सकारात्मक माहौल में खत्म हुई. ‘डेक्कन हेराल्ड’ की रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेल्वपेरुन्थगई ने बताया कि डीएमके ने कांग्रेस को राज्यसभा की एक सीट देने पर सहमति जताई है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसी अन्य दल (विशेषकर टीवीके) से बातचीत नहीं कर रही है और उसका गठबंधन डीएमके के साथ ही रहेगा.
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस 35 सीटों की उम्मीद कर रही थी, लेकिन अब 27 या 28 सीटों और एक राज्यसभा सीट पर समझौता संभव है. पिछले सप्ताह कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की स्टालिन से मुलाकात के बाद बातचीत दोबारा पटरी पर आई थी. डीएमके नेतृत्व की योजना है कि 9 मार्च को तिरुचिरापल्ली में होने वाले पार्टी के राज्य स्तरीय सम्मेलन से पहले सभी प्रमुख सहयोगियों के साथ सीट बंटवारा अंतिम रूप दे दिया जाए. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री स्टालिन सोमवार 2 मार्च 2026 को राज्यसभा की सीटों के बंटवारे और राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं.



