असेंबली चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस ने बनाए मीडिया कोऑर्डिनेटर

नई दिल्ली: मीडिया में पार्टी की छवि दुरुस्त करने और जमीन पर पार्टी का नैरेटिव सेट करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए कांग्रेस ने इस साल होने वाले बिहार और अगले साल होने वाले पांच राज्यों के लिए मीडिया कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए हैं। इनमें राष्ट्रीय स्तर के चेहरों और प्रवक्ताओं से लेकर प्रांतीय स्तर के लोगों को भी रखा गया है। जिन राज्यों के मीडिया कोऑर्डिनेटर की नियुक्ति हुई है, उसमें बिहार, असम, वेस्ट बंगाल, केरल, तमिलनाडु व पुद्दुचेरी हैं। इनमें नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर के अलावा प्रदेश का आकार देखते हुए तीन से चार कॉर्डिनेटर व एक से दो रिसर्च कोऑर्डिनेटर की टीम बनाई गई है।
मीडिया टीम के साथ मिलकर काम करेगी प्रदेश कांग्रेस इकाई
पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा की ओर से जारी इस लिस्ट में कहा गया है कि यह टीम चुनाव संभावी राज्यों की प्रदेश कांग्रेस इकाई, मीडिया टीम के साथ मिलकर काम करेगी। वहीं पार्टी के एक अहम रणनीतिकार का कहना था कि इस कवायद का मकसद हर प्रदेश में पार्टी मीडिया टीम को आने वाले चुनावों के लिए तैयार करना, जरूरत के मुताबिक उनकी ट्रेनिंग, मुद्दों का चयन, उनसे संबंधित डेटा व रिसर्च मुहैया कराने में मदद करना, कौन सा मुद्दा कैसे उठाना है, यह सब भी इस कवायद का हिस्सा होगा। सभी नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर को अपने प्रभार वाले राज्यों में नियमित दौरा करना होगा, जमीन पर जाकर देखना होगा, वहां की मीडिया मैनेजमेंट को नजदीक देखना व उनकी मार्गदर्शन व मदद करना होगा।
कांग्रेस ने शुरू की अपनी इमेज ठीक करने की कवायद
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस को लगता है कि मीडिया में उसके उठाए हुए मुद्दे ढंग से नहीं उठ पा रहे, उन्हें जगह नहीं मिलती या जमीन पर लोगों के बीच नहीं जा पा रहे। ऐसे में पार्टी ने अपने पक्ष में माहौल बनाने, अपने नैरेटिव को मजबूती से सामने रखने और अपनी इमेज को ठीक करने के लिए यह कवायद शुरू की है।
माना जा रहा है कि जमीन पर इस तरह की यह पहली कवायद है। इसके पीछे कांग्रेस आलाकमान की सोच बताई जा रही है।
इन चेहरों को मिली जिम्मेदारी
जिन चेहरों को यह जिम्मेदारी दी गई है, उनमें तमिलनाडु के लिए भव्य नरसिम्हा मूर्ति को, अभय दुबे को बिहार, चरण सिंह सपरा को असम, मोहन कुमार मंगलम को केरल, महिमा सिंह को वेस्ट बंगाल व डॉली शर्मा को पुद्दुचेरी का नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया है। हर टीम में नेशनल कोऑर्डिनेटर के अलावा दो से तीन मीडिया कोऑर्डिनेटर व एक से दो रिसर्च कॉर्डिनेटर जोड़े गए हैं।


