बीएमसी चुनाव में कांग्रेस और उद्धव ठाकरे शिवसेना का अलग लड़ना चांदीवली पर पड़ सकता है भारी,

मुंबई : मुंबई की 36 विधानसभा सीटों में से सबसे अधिक मतदाता चांदिवली सीट पर है। करीब 4.46 लाख के वोटरों वाली चांदिवली विधानसभा क्षेत्र में बीएमसी चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच सीधा मुकाबला होगा। चांदिवली सीट वैसे तो कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है, लेकिन पिछले 2 चुनाव में शिवसेना ने यह सीट कांग्रेस से हथिया ली थी। चांदिवली में करीब 27% मुस्लिम वोटर हैं। यहां बड़ी संख्या में मराठी और हिंदी वोटर भी रहते हैं। साथ ही, महारष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की भी परिसर में अच्छी पकड़ है। बीएमसी चुनाव में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के फैसले से मराठी वोटरों का विभाजन होने की संभावना लगाई जा रही है। वहीं, मराठी वोटरों के विभाजन होने से कुछ वॉर्ड में कांग्रेस की राह आसान हो सकती है।
बीते चुनाव का हाल
2019 के चुनाव में केवल 400 वोट और 2024 के चुनाव में 20 हजार वोट से कांग्रेस के हाथ से सीट निकलकर शिवसेना के पाले में चली गई थी, जबकि 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार ने यहां से जीत दर्ज की थी। कांग्रेस का शिवसेना (UBT) से अलग चुनाव लड़ने के फैसले का भी उद्धव ठाकरे को नुकसान हो सकता है।
दल बदल भी डालेगा चुनाव पर असर
चांदीवली विधानसभा 9 प्रभागों में बटी हुई है। 2017 के चुनाव में 9 में से 3 प्रभाग पर संयुक्त शिवसेना, मनसे और बीजेपी ने 2-2 सीटें जीती थीं, जबकि 1-1 सीट पर कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे थे। वहीं, 3 प्रभागों में संयुक्त शिवसेना दूसरे नंबर, कांग्रेस और एआईएमआईएम 2-2 प्रभाग में दूसरे नंबर पर रही। बीजेपी और मनसे 1-1 प्रभाग में दूसरे नंबर पर थे, लेकिन बीते कुछ वर्षों में महाराष्ट्र की राजनीति में हुए बड़े बदलाव के बाद 9 नगर सेवकों में से 5 नगर सेवक एकनाथ शिंदे की शिक्सेना में शामिल हो गए हैं। इसमें मनसे के 2, संयुक्त शिवसेना का एक, एक निर्दलीय और कांग्रेस का एक नगरसेवक शामिल है, जबकि प्रभाग क्रमांक- 157 की संयुक्त शिवसेना की नगर सेविका ने बीजेपी का दामन थामा था, जिससे बीजेपी के नगरसेवकों की संख्या 3 रह गई थी। प्रभाग क्रमांक-158 की नगर सेविका अब भी उद्धव ठाकरे के दल के साथ जुड़ी हुई हैं।
महिलाओं का होगा जलवा, बढ़ी भागदारी
नए आरक्षण की वजह से चांदीवली विधानसभा के 4 प्रभाग को महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया गया है, जबकि पुराने आरक्षण के तहत 3 प्रभाग ही महिला के लिए आरक्षित थे। आगामी चुनाव में प्रभाग क्रमांक- 156, 157 और 163 सामान्य महिला वर्ग और प्रभाग क्रमांक- 158 ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। नए आरक्षण से बड़ा बदलाव बीएमसी चुनाव को लेकर कुछ दिन पहले जारी हुई आरक्षण सूची ने परिसर के चुनावी गणित में बड़ा उलटफेर कर दिया है।
पिछले चुनाव में यहां के 5 प्रभाग ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित थे, जबकि अब केवल प्रभाग क्रमांक-158 ही ओबीसी महिला के लिए आरक्षित रखा गया है। अन्य 8 प्रभाग सामान्य वर्ग घोषित कर दिया गया है यानी किसी भी वर्ग का नागरिक चुनावी मैदान में उतर सकता है।
2017 का चुनाव रिजल्ट
० प्रभाव संख्या – 156
· अश्विनी माटेकर – मनसे –
10,992 वोट जीते
• सविता पवार -शिवसेना –
6,500 वोट हारे
० प्रभाग संख्या – 157
• आकांशा शेट्ये – शिव्सेना (
संयुक्त)- 7,349 वोट जीते
· सरिता म्हस्के – कांग्रेस –
6,776 वोट हारे
० प्रभाग संख्या – 158
• चित्रा सांगले – शिवसेना (
संयुक्त) – 9,696 वोट जीते
· रश्मि चिदरकर – BJP – 5197
वोट हारे
· प्रभाग संख्या -162
· वाजिद कुरैशी – कांग्रेस –
6148 वोट जीते
· दिलीप प्रणव लांडे – मनसे –
4917 वोट हरे
· · प्रभाग संख्या – 163
· दिलीप लांडे – मनसे – 8,009
वोट जीते
· मोहम्मद शेख – कांग्रेस –
6234 वोट हारे
• प्रभाग संख्या – 164
· हरीष भंदिगे – BJP – 7,262
वोट जीते
• जमाल अहमद खान – AIMIM
– 3,603 वोट हारे
2017 का चुनाव परिणाम
प्रभाग संख्या – 159
· प्रकाश मोरे – BJP – 6,202
वोट जीते
• कोमल जामसांडेकर – शिवसेना
(संयुक्त) – 4,248 वोट हारे
प्रभाग संख्या -160
• किरण लांडगे – अपक्ष – 5,752
वोट जीते
· अश्विनी मते – शिवसेना संयुक्त
– 5,566 वोट हारे
• प्रभाग संख्या -161
• विजयेंद्र शिंदे – शिवसेना
(संयुक्त) – 5,338 वोट जीते
· सैय्यद ईमान नबी – AIMIM –
4,071 वोट हारे



