चिटफंड कंपनी ने की 54 करोड़ की ठगी, डायरेक्टर इंदौर से गिरफ्तार

जशपुर : पुलिस ने विनायक होम्स एंड रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड चिटफंड कंपनी के फरार डायरेक्टर जितेंद्र बीसे को एमपी के इंदौर से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी लंबे समय से फरार था. गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान छिपाकर और हुलिया बदलकर रह रहा था. पुलिस की विशेष टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को दबोचा है.
प्रदेश के आठ जिलों में की थी ठगी : एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के आठ जिलों जशपुर, सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायपुर और बलौदाबाजार में 11 हजार 396 निवेशकों से 54 करोड़ 38 लाख 11 हजार 862 रुपए की ठगी की गई थी.जिसका मुख्य आरोपी जितेंद्र बीसे है. इससे पहले मामले के अन्य आरोपी फूलचंद बीसे और युवराज मालाकार को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य आरोपी कालू सिंह वर्मा और योगेंद्र बीसे अब भी फरार हैं. पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है.
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था. जिसने सायबर सेल की मदद से इंदौर में आरोपी की लोकेशन ट्रेस की. कई दिनों तक निगरानी रखने के बाद पुलिस ने उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपी ने ठगी की बात स्वीकार की है. आरोपी के खिलाफ रायपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, बलरामपुर, कटघोरा, सरगुजा और चांपा में भी ठगी के मामले दर्ज हैं- शशि मोहन सिंह, एसएसपी
तीन गुना रकम देने का था झांसा : आरोपियों ने निवेशकों को झांसा दिया था कि उनकी जमा की गई रकम तीन गुना हो जाएगी. हर साल अतिरिक्त 25 हजार का कमीशन मिलेगा. इसी प्रलोभन में आकर हजारों लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई इस कंपनी में लगा दी. निवेशकों को चेक नुमा कागज देकर लाखों रुपये ऐंठे गए. मामले में सिटी कोतवाली, जशपुर और थाना फरसाबहार में धारा 420, 120 (बी) भादवि और छत्तीसगढ़ निक्षेपकों का हित संरक्षण अधिनियम की धारा 10 के तहत अपराध दर्ज किया गया था.एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि चिटफंड कंपनी के तीन डायरेक्टर गिरफ्तार किए जा चुके हैं. फरार आरोपियों की संपत्ति का चिन्हांकन कर कुर्की की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी.



