पाकिस्तान में हुए आत्मघाती हमलों से टेंशन में आया चीन, कर सकता है अपने सुरक्षाकर्मियों की तैनाती

चीन ने पाकिस्तान से अपने नागरिकों पर मंगलवार को हुए आत्मघाती हमले की गहन जांच करने को कहा है. चीन ने कहा कि इस हमले के पीछे शामिल लोगों का तुरंत पता लगाया जाए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए. ऐसी अटकलें लग रही हैं कि बीजिंग इस्लामाबाद पर सीपीईसी परियोजनाओं की सुरक्षा के लिए अपनी सुरक्षा एजेंसियों को तैनात करने के लिए दबाव डाल सकता है. पिछले कुछ दिनों में चीनी नागरिकों पर हमले लगातार बढ़े हैं.
मंगलवार को पाकिस्तान के अशांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में विस्फोटकों से भरे एक वाहन ने उनकी बस (चीनी नागरिकों) को टक्कर मार दी, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई और इनमें पांच चीनी नागरिक शामिल थे. यह 2021 के बाद से चीन समर्थित जलविद्युत परियोजना पर काम कर रहे कर्मियों पर दूसरा आत्मघाती हमला है.
चीनी विदेश मंत्रालय का बयान
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान से जब मीडिया ब्रीफिंग के दौरान आत्मघाती हमले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “चीन पाकिस्तान से जल्द से जल्द घटना की गहन जांच करने, अपराधियों की तलाश करने और उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा करने के लिए आग्रह करेगा. बार-बार होने वाले आतंकी हमलों के बावजूद, चीन 60 अरब अमेरिकी डॉलर की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजनाओं जारी रखी है.
लिन ने कहा, ‘आतंकवाद से लड़ने में चीन दृढ़ता से पाकिस्तान का समर्थन करता है. चीन और पाकिस्तान के पास आतंकवादियों को इसकी कीमत चुकाने के लिए दृढ़ संकल्प और क्षमता है. हमारे दोनों देश सदाबहार रणनीतिक सहयोगी भागीदार हैं. हमारी मजबूत मित्रता दोनों देशों के बीच गहरी जड़ें जमा चुकी है. चीन-पाकिस्तान के संबंधों को नुकसान पहुंचाने का कोई भी प्रयास कभी सफल नहीं होगा. उन्होंने उन खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ आने वाले दिनों में बीजिंग का दौरा करेंगे.
लगातार चीनी नागरिकों को निशाना बनाकर हो रहे हैं हमले
पाकिस्तान में यह परंपरा रही है कि वो पदभार ग्रहण करने के बाद चीन जरूर जाते हैं. पहले कहा जा रहा था कि कि नकदी संकट से जूझ रही पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए शरीफ अधिक चीनी निवेश की मांग कर सकते हैं. अब पाकिस्तान में सीपीईसी में काम करने वाले हजारों चीनी कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं क्योंकि यह एक हफ्ते में पाकिस्तान में चीनी परियोजनाओं पर तीसरा बड़ा हमला था. इससे पहले, आतंकवादियों ने एक नौसैनिक एयरबेस और रणनीतिक ग्वादर बंदरगाह को निशाना बनाया था, जो चीन के शिनजियांग से जुड़ने वाली सीपीईसी की प्रमुख परियोजना है.



