अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा, धर्मांतरण विरोधी कानून पर लगी मुहर

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का शुक्रवार को समापन हो गया। सभापति धरम लाल कौशिक ने आज सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इस दौरान धर्मान्तरण रोकने और प्रदेश की भर्ती परिक्षाओं में गड़बड़ी पर रोक लगाने दो महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में बहुमत के आधार पर पारित कर दिया। सत्र के दौरान कई जनहित के मुद्दों पर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार को घेरने का प्रयास जरूर किया परन्तु इसमें वह सफल नहीं हो पाए।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कर्मचारी चयन मंडल विधेयक सदन में पेश किया। इस पर पक्ष विपक्ष के सदस्यों की चर्चा के बाद इसे पारित कर दिया गया। इस विधेयक के बनने से राज्य की भर्ती परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ी पर रोक लग सकेगी। वही एक दिन पूर्व धर्मांतरण विरोधी कानून लाया गया जिसका विपक्ष ने बहिष्कार कर दिया, इसके बाद सदन में बगैर विपक्ष के चर्चा के बाद इसे पारित कर दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि धर्म की आड़ में सरकार राजनीति कर रही है इस विधेयक को कब से लागू किया जाएगा यह बताएं।
वही उपमुख्यमंत्री अरुण साव और भाजपा सदस्य सुनील सोनी ने कहा प्रदेश में धर्मांतरण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं जिससे यहां की डेमोग्राफी बदल रही है। इस पर रोक लगाने यह विधेयक जरूरी था। इसके पारित होने पर प्रदेश की जनता को बधाई देते हैं।
प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण, विधेयकों की मंजूरी के बाद सभापति धरम लाल कौशिक ने सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।23 फरवरी से चले इस सत्र में विधायकों ने 2924 सवाल लगाए थे जिसमें से मात्र 86 प्रश्नों पर ही सदन में चर्चा हो सकी। पूरे सत्र के दौरान कुल 108 घंटे विधानसभा की कार्यवाही चली। इस दौरान राज्य सरकार का एक लाख 72 हजार करोड़ का भारी भरकम बजट भी पारित किया गया।



