छत्तीसगढ़

चेक बाउंस, रेलवे कर्मी को 1 साल की सजा

बिलासपुर. 1 लाख 50 हजार रुपए चेक बाउंस मामले में रेलवे जोन कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी को जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पीठासीन अधिकारी जसविंदर कौर अजमानी मलिक ने 1 साल की सजा सुनाई . साथ ही प्रतिकर की राशि पीड़ित को भुगतान करने का आदेश दिया. राशि नहीं देने पर 1 साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.

दयालबंद शिवाजी मार्ग टिकरापारा निवासी गुरुचरण सिंह राजपाल पिता मानसिंह राजपाल (44) बुधवारी बाजार में मोबाइल दुकान संचालित करते हैं. रेलवे जीएम जोन ऑफिस बिलासपुर में पदस्थ आरोपी तारकलेन टेपनो (50) कई बार पीड़ित से मोबाइल खरीदा था. इस कारण दोनों के बीच जान पहचान हो गई थी. साल 2019 में आरोपी अपने कर्ज चुकाने के नाम से पीड़ित से 1 लाख 34 हजार 200 रुपए उधारी लिया था.

आरोपी ने 2 माह के भीतर पैसा वापस करने का दावा किया था, लेकिन 2 माह के बाद भी वापस नहीं किया. तब गुरुचरण सिंह बार-बार पैसा वापस करने की मांग कर रहे थे. इस बीच आरोपी तारकलेन टेपनो ने 1 लाख 34 हजार 200 रुपए का चेक पीड़ित को लौटाया. 6 जुलाई 2019 को गुरुचरण सिंह चेक को भुगतान के लिए बैंक में जमा किया. आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि जमा नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया.

इसके बाद पीड़ित अपने वकील के माध्यम से आरोपी को 15 दिन के भीतर चेक भुगतान करने नोटिस जारी किया. इसके बाद भी पैसा वापस नहीं किया. इसके बाद पीड़ित द्वारा कोर्ट में केस दर्ज कराया गया. न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पीठासीन अधिकारी जसविंदर कौर अजमानी मलिक ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को 1 साल की सजा सुनाई है. साथ ही पीड़ित को 1 लाख 50 हजार रुपए प्रतिकर राशि अदा करने का आदेश दिया है. भुगतान नहीं करने पर 1 साल अतिरिक्त सजा काटना होगा.

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