अंतर्राष्ट्रीय

होर्मुज से माइंस हटाने के लिए ब्रिटेन तैयार, फ्रांस भी देगा साथ; लेकिन शांति समझौते का इंतजार

 नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी कम होने के संकेतों के बीच ब्रिटिश नौसेना ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यापारिक जहाजों के बेरोकटोक आवाजाही के लिए समुद्री बारूदी सुरंग हटाने की तैयारी कर ली है। जिब्राल्टर में तैनात आरएफए लाइम बे पर सैकड़ों की संख्या में नौसैनिक इस मिशन में हिस्सा लेने की राह देख रहे हैं।

गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट में दबाव बनाने के लिए आइआरजीसी नौसेना ने बड़ी संख्या में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछा रखी हैं। साथ ही ये निर्देश भी दे रखा है कि होर्मुज से गुजरनेवाले जहाजों को आइआरजीसी के बताए रूट का पालन करते हुए ही निकलना होगा।

ईरान के साथ युद्ध के दौरान होर्मुज स्ट्रेट को आवागमन के लिए सुचारू बनाने के लिए बारूदी सुरंगें हटाने के लिए किसी सहयोगी देश के आगे न आने के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाटो देशों को आड़े हाथ लिया था।

वहीं, नाटो देशों का कहना था कि वे ईरान युद्ध में हिस्सा नहीं लेंगे, बल्कि हालात समान्य होने पर वे होर्मुज से माइंस को हटाने में सहयोग करने को तैयार हैं।

लाइबेरियन प्रायद्वीप के दक्षिणी छोर पर, ब्रिटिश विदेशी क्षेत्र जिब्राल्टर में, ब्रिटेन की रायल नेवी ऐसा करने की तैयारी कर रही है – लेकिन यह तभी होगा जब कोई शांति समझौता हो जाएगा। ट्रंप ने शनिवार को कहा कि ईरान के साथ समझौते को लेकर व्यापक सहमति बन गई है, हालांकि इसे अंतिम रूप देना अभी बाकी है।

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री अर कार्न्स ने मीडिया के साथ आरएफए लाइम बे का दौरा किया। इस युद्धपोत पर ब्रिटेन और फ्रांस, दोनों के सैनिक सवार हैं। ये एंफिबियस युद्धपोत है, जिस पर हथियार और समुद्री माइंस को नष्ट करने वाले समुद्री ड्रोन लदे हैं।

ईरान ने इजरायली टोही ड्रोन को मार गिराया ईरानी सेना ने होर्मुजगान प्रांत के ऊपर उड़ान भर रहे इजरायल के जासूसी टोही ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। रायटर ने मेहर न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि ईरानी नौसेना बलों ने इजरायली आर्बिटर ड्रोन का मलबा बरामद कर लिया है। 

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button