अंतर्राष्ट्रीय

H-1B वीजा प्रोग्राम खत्म करने अमेरिकी संसद में बिल पेश, भारतीय पेशेवरों पर गहरा असर पड़ेगा

अमेरिकी संसद में एच-1बी वीजा कार्यक्रम समाप्त करने के लिए एक बिल पेश किया गया है। रिपब्लिकन सांसद ग्रेग स्ट्यूब द्वारा लाए गए इस बिल का उद्देश्य कंपनियों द्वारा सस्ते विदेशी कामगारों के दुरुपयोग को रोकना है। यदि यह पारित होता है, तो भारतीय पेशेवरों पर इसका गहरा असर पड़ेगा, क्योंकि एच-1बी वीजा उनके बीच काफी लोकप्रिय है।

 नई दिल्ली। अमेरिका की संसद में एच-1बी वीजा प्रोग्राम खत्म करने के लिए एक बिल पेश किया गया है। एक रिपब्लिकन सांसद की तरफ से लाए गए बिल में यह कहा गया है कि कंपनियों ने इस प्रोग्राम का बार-बार दुरुपयोग किया है और सस्ते विदेशी कामगारों को अमेरिका लाया गया है।

अगर यह पारित होता है तो भारतीय खासे प्रभावित होंगे, क्योंकि एच-1बी वीजा भारतीय पेशेवरों में काफी लोकप्रिय है। अमेरिकी आइटी कंपनियां इसी वीजा के आधार पर विदेशी कामगारों को अपने यहां नौकरी देती हैं, जिनमें भारतीयों की बड़ी संख्या होती है।

एच-1बी वीजा प्रोग्राम समाप्त

अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में फ्लोरिडा से रिपब्लिकन सांसद ग्रेग स्ट्यूब ने एंडिंग एक्सप्लाइटेटिव इर्मोटेड लेबर इग्जेम्शन एक्ट या एग्जाइल एक्ट नामक बिल पेश किया है, जो आव्रजन और राष्ट्रीयता अधिनियम में संशोधन करेगा और एच-1बी वीजा प्रोग्राम को समाप्त करेगा।

ग्रेग ने कहा, ‘विदेशी कामगारों को अमेरिकी नागरिकों की भलाई और समृद्धि पर प्राथमिकता देना हमारे मूल्यों और राष्ट्रीय हितों को कमजोर करता है। हमारे कामगार और युवा एच-1बी वीजा कार्यक्रम के कारण विस्थापित और वंचित होते जा रहे हैं।

हम अपने बच्चों के सपनों को सुरक्षित नहीं रख पा रहे, जबकि उनका हिस्सा गैर-नागरिकों को दे रहे हैं। इसलिए मैं अमेरिकियों को पहले रखने के लिए यह बिल पेश कर रहा हूं।’ उन्होंने बयान में कहा कि एच-1बी वीजा पाने वालों में 80 प्रतिशत से ज्यादा भारतीय और चीन नागरिक हैं।

क्या है H-1B वीजा?

यह एक गैर-आप्रवासी वीजा है। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवाओं के माध्यम से गृह सुरक्षा विभाग के पास कानूनी रूप से प्रति वर्ष 65 हजार एच-1बी वीजा जारी करने का अधिकार है।

इसके अलावे उच्च डिग्री वाले आवेदकों को अतिरिक्त 20 हजार वीजा प्रदान किया जाता है। अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हर वर्ष हजारों कामगारों को नियुक्त करने के लिए एच-1बी पर निर्भर रहती हैं।

एक लाख डॉलर किया गया शुल्क

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी कार्यक्रम के दुरुपयोग को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए पिछले साल एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया था।

इसमें नए एच-1बी वीजा के लिए शुल्क को बढ़ाकर एक लाख डालर कर दिया गया। इस कदम से भारतीयों में ¨चता और भ्रम पैदा हो गया था।

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