बस्तर के कुख्यात नक्सली देवजी का तेलंगाना में सरेंडर, बचे पापाराव सहित 100 के करीब माओवादी-आईजी बस्तर

बस्तर: छत्तीसगढ़ से सटे तेलंगाना में टॉप नक्सल कमांडर देवजी उर्फ टिप्पिरी थिरुपति ने 16 नक्सलियों के साथ सरेंडर किया है. देवजी के साथ केंद्रीय समिति सदस्य मुरली उर्फ संग्राम, टीएससी सचिव दामोदर और डीकेएसजेडसी सदस्य गंगन्ना ने भी सरेंडर किया है. माओवादियों के बड़े लीडरों के आत्मसमर्पण को लेकर बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अब बस्तर में नक्सल लीडर पापाराव के साथ 100 नक्सली बचे हैं.
नक्सल कमांडर देवजी का सरेंडर, बचे नक्सलियों से आईजी की अपील
बस्तर आईजी ने बताया कि नक्सल मुक्त बस्तर के अभियान में माओवादियों के शीर्ष नेतृत्व के द्वारा आज तेलंगाना में पुनर्वास किया गया. यह घटनाक्रम आज ऐतेहासिक और निर्णायक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है.क्योंकि वर्तमान की परिस्थितियों में माओवादी संगठन का नेतृत्व समाप्त हो चुका है.शेष बचे माओवादी भी पुनर्वास के लिए सामने आ रहे हैं.वहीं कुछ माओवादी कैडर वर्तमान में जंगल में मौजूद हैं. जो हिंसा के रास्ते पर हैं. उनसे भी बार बार यह अपील की जा रही है कि उनके पास समय काफी कम है.सही समय पर सहीं निर्णय लेकर पुनर्वास करें. अन्यथा जिस प्रकार से सुरक्षाबल के जवान मजबूती के साथ माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं.उसका बड़ा भुगतान माओवादियों को भुगतना पड़ेगा. इसे माओवादी अपील के साथ ही चेतावनी भी समझें. चाहे वह माओवादी नेता पापाराव हो या अन्य जो दंडकारण्य इलाके में सक्रिय हैं वह सामने आकर पुनर्वास करें.
वर्तमान के समय मे माओवादी संगठन में केवल 100-125 हथियारबंद माओवादी ही शेष रह गए हैं. वो सभी भी हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हों जाएं- सुंदरराज पी, आईजी, बस्तर
देवजी के सरेंडर का बस्तर आईजी ने किया स्वागत
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि चारों वरिष्ठ माओवादी कैडर CPI माओवादी संगठन के शीर्ष नेतृत्व संरचना के महत्वपूर्ण अंग रहे हैं. ये नक्सली कई दशकों तक भूमिगत रहे. उनका हिंसा और सशस्त्र संघर्ष का परित्याग करना वर्तमान परिस्थितियों में एक निर्णायक बदलाव को दर्शाता है. यह स्पष्ट संकेत है कि हिंसा के लिए स्थान निरंतर सिमट रहा है. जबकि शांति और विकास का दायरा निरंतर विस्तृत हो रहा है.


