रायपुर में बाहुबली, कटप्पा और AI से क्यूट गणेश प्रतिमाएं बनाने पर बजरंग दल ने जताई आपत्ति, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

रायपुर। आगामी गणेशोत्सव को लेकर छत्तीसगढ़ बजरंग दल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए भगवान गणेश की प्रतिमाओं को उनके मूल स्वरूप में ही स्थापित करने की मांग की है। संगठन ने फिल्मों और काल्पनिक पात्रों जैसे बाहुबली, कटप्पा, क्यूट गणेश और AI आधारित आदि के रूप में गणेश प्रतिमाएं बनाने पर आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय बताया है।
बजरंग दल के प्रांत संयोजक विजेंद्र वर्मा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि गणेश प्रतिमाओं का निर्माण और स्थापना धार्मिक परंपराओं के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार के विवाद या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने बताया कि गणेशोत्सव के दौरान कई पंडालों में डीजे पर अश्लील और आपत्तिजनक गीत बजाए जाते हैं, जो धार्मिक माहौल के अनुकूल नहीं हैं। इसे देखते हुए इस वर्ष पंडालों में बजाए जाने वाले उपयुक्त भक्ति गीतों की सूची भी जारी की जाएगी।
बजरंग दल ने पंडालों की आड़ में जुआ खेलने की शिकायतों पर भी प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि ऐसे मामलों में जरूरत पड़ने पर बिजली कनेक्शन काटने और संबंधित पंडालों को बंद कराने जैसी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
विजेंद्र वर्मा ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने गणेशोत्सव की शुरुआत हिंदू समाज को संगठित करने, सामाजिक एकता को मजबूत करने और जनजागरण के उद्देश्य से की थी। इसलिए गणेशोत्सव को प्रतिस्पर्धा का मंच बनाने के बजाय आस्था, सामाजिक समरसता और जनसेवा का माध्यम बनाए रखना चाहिए। इन्हीं मांगों को लेकर बजरंग दल के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

बता दें कि पिछले वर्ष रायपुर के लाखेनगर में गणेश प्रतिमा को लेकर काफी विवाद हुआ था। प्रतिमा को लेकर विरोध-प्रदर्शन हुए थे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा था। इसी का हवाला देते हुए बजरंग दल ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में समय रहते कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद या तनाव पैदा न हो।
कब मनाया जायेगा गणेशोत्सव
14 सितंबर 2026 से देशभर में 10 दिवसीय गणेशोत्सव (गणेश चतुर्थी) की शुरुआत होगी। भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापना के साथ भक्त विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे। यह पर्व 23 सितंबर 2026 (अनंत चतुर्दशी) तक मनाया जाएगा, जब गणपति बप्पा का विसर्जन किया जाएगा। देशभर में इस दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।



