एक और भगदड़

हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में एक अफवाह ने कई जानें ले लीं। किसी धार्मिक स्थल पर भगदड़ की यह पहली घटना नहीं, लेकिन अफसोस है कि पुरानी गलतियों से सबक नहीं लिया जा रहा।
एक साल में कई हादसे: पिछले एक साल पर नजर दौड़ाएं तो इस तरह के कई दुखद हादसे हो चुके हैं। पिछले साल जुलाई में ही हाथरस में एक धार्मिक आयोजन में मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी। वहां आयोजक भीड़ को नहीं संभाल पाए। इस साल जनवरी की शुरुआत में तिरुपति मंदिर में टोकन लेने के लिए हद से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच गए और पुलिस उनको काबू नहीं कर सकी। भगदड़ मची तो 6 लोगों की जान चली गई। इसी साल, मौनी अमावस्या पर महाकुंभ में और उसके बाद नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी हादसा हुआ।
क्राउड मैनेजमेंट: धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन हमेशा से बड़ी चुनौती रहा है। अनुमान से ज्यादा लोग जब एक जगह जुट जाते हैं, तब हल्की-सी भी चूक जानलेवा बन सकती है। इन सारे मामलों में यही वजह रही – कोई अफवाह, भीड़ का अनियंत्रित हो जाना और निकलने की जगह न मिलना। किसी भी बड़े आयोजन का सबसे अहम हिस्सा है क्राउड मैनेजमेंट। जरूरी नहीं है कि भीड़ के बारे में लगाया गया अनुमान हमेशा सही साबित हो। ऐसे में रियल टाइम मॉनिटरिंग अहम हो जाती है, जिससे स्थिति के हिसाब से तुरंत निर्णय लिया जा सके।
धार्मिक स्थलों पर अव्यवस्था: इस तरह की कोई दुर्घटना होने की सूरत में बचाव की योजना पहले से तैयार रहनी चाहिए। लेकिन, देखा गया है कि ज्यादातर मौकों पर पहले से की गई प्लानिंग बेकार हो गई, क्योंकि इंतजाम नाकाफी थे। तमाम धार्मिक स्थलों पर फैली अव्यवस्था को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। फिसलन भरे रास्ते, संकरी जगह, आने-जाने का एक ही मार्ग जैसी बातें लगभग हर जगह देखने को मिल जाएंगी। ऐसे में जब किसी खास मौके पर भीड़ बढ़ती है तो स्वाभाविक ही हादसे की आशंका भी बढ़ जाती है, जैसा सावन पर मनसा देवी में हुआ।
समन्वय और जागरूकता: बेंगलुरु में RCB के इवेंट में हुए हादसे के बाद कर्नाटक सरकार क्राउड कंट्रोल पर एक बिल लेकर आई है, जिसमें जिम्मेदारियां तय की गई हैं। ऐसे कानून की हर जगह जरूरत है। साथ ही, ऐसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए आयोजकों, पुलिस-प्रशासन और जनता को समन्वय में काम करना होगा। बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता की जरूरत है, जिससे लोगों को बताया जा सके कि भीड़ के बीच उन्हें किस तरह का व्यवहार करना है।



