अमेरिका-इजरायल के भीषण हवाई हमलों से थर्राया तेहरान, हूती विद्रोही भी जंग में कूदे

नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लगभग एक महीने से जारी सैन्य संघर्ष का दायरा तेजी से और व्यापक होता जा रहा है। अब तक सीधे युद्ध से दूर रहे तेहरान समर्थक हूती विद्रोहियों ने शनिवार को दक्षिणी इजरायल पर दो मिसाइल हमले कर संघर्ष में औपचारिक रूप से शामिल होने का एलान कर दिया।
हूती विद्रोहियों ने कई मिसाइल हमले किए
हूती विद्रोहियों के सक्रिय होने के बाद होर्मुज के साथ-साथ बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडराने लगा है।
इसी बीच ईरान ने सनसनीखेज दावा किया कि रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दुबई में अमेरिकी सैनिकों के दो गुप्त ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से सटीक हमला किया, जिसमें लगभग 500 सैनिक हताहत हुए।
साथ ही फार्स प्रांत में एक अमेरिकी एफ-16 लड़ाकू विमान मार गिराने और फारस की खाड़ी में अमेरिका के छह सामरिक जहाजों को निशाना बनाने का भी दावा किया गया। उधर, इजरायल ने ईरान के बुशहर परमाणु केंद्र पर फिर हमला किया।
परमाणु केंद्र पर यह तीसरा हमला
दस दिनों में इस परमाणु केंद्र पर यह तीसरा हमला है। हालांकि, रेडिएशन का कोई खतरा नहीं बताया गया है। शुक्रवार को ईरान के दो अन्य परमाणु केंद्रों पर भी हमले हुए थे। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की समयसीमा बढ़ा चुके हैं।
यूएई में वायु रक्षा प्रणाली द्वारा एक बैलिस्टिक मिसाइल को निष्कि्रय किए जाने के बाद उसका मलबा खलीफा इकोनामिक जोन्स अबू धाबी (केजाड) क्षेत्र में गिरा, जिससे पांच भारतीय नागरिक घायल हो गए। अबू धाबी मीडिया कार्यालय ने इंटरनेट मीडिया पर जारी बयान में कहा कि घटना के तुरंत बाद संबंधित एजेंसियों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। इससे पहले केजाड क्षेत्र के निकट मलबा गिरने से दो स्थानों पर आग लगने की सूचना भी मिली थी।
यूएई में वायु रक्षा प्रणाली द्वारा एक बैलिस्टिक मिसाइल को निष्कि्रय किए जाने के बाद उसका मलबा खलीफा इकोनामिक जोन्स अबू धाबी (केजाड) क्षेत्र में गिरा, जिससे पांच भारतीय नागरिक घायल हो गए। अबू धाबी मीडिया कार्यालय ने इंटरनेट मीडिया पर जारी बयान में कहा कि घटना के तुरंत बाद संबंधित एजेंसियों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। इससे पहले केजाड क्षेत्र के निकट मलबा गिरने से दो स्थानों पर आग लगने की सूचना भी मिली थी।
एएनआइ ने ईरान की सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि हजरत खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता ने दावा किया है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड (आइआरजीसी) ने दुबई में अमेरिकी सेना के दो गुप्त ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया।
ईरान ने अमेरिकी सैनिकों को बनाया निशाना
ईरानी दावे के अनुसार पहले ठिकाने पर लगभग 400 और दूसरे पर करीब 100 अमेरिकी सैनिक मौजूद थे। ईरान का कहना है कि अमेरिकी अड्डों को निशाना बनाए जाने के बाद इन सैनिकों को गुप्त ठिकानों पर भेजा गया था।
हमले से एक दिन पहले आइआरजीसी ने चेतावनी दी थी कि उसने इन ठिकानों की पहचान कर ली है और लोगों से वहां से हट जाने को कहा था। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि सभी सैनिक सुरक्षित हैं। एक्स पर जारी बयान में सेंट्रल कमांड ने कहा कि ईरानी शासन इंटरनेट मीडिया पर झूठ फैलाकर अपनी कमजोर पड़ चुकी सैन्य क्षमताओं को छिपाने की कोशिश कर रहा है।
न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, आईआरजीसी ने यह भी दावा किया है कि सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमले में 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए और दो केसी-135 ईंधन विमान क्षतिग्रस्त हुए। फारस की खाड़ी में अल-शुयूख बंदरगाह तथा दुबई तट के पास अमेरिकी सेना की छह लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी (एलसीयू) नौकाओं को निशाना बनाया गया।
इनमें से तीन नौकाओं के डूबने और तीन में आग लगने का दावा किया गया है। आइआरजीसी ने कहा कि अल-खार्ज बेस पर अमेरिकी सेना के ईंधन विमानों और लाजिस्टिक सपोर्ट बेड़े को भी नष्ट किया गया।
हूती के शामिल होने से समुद्री व्यापार पर नया खतरा
रॉयटर के अनुसार, ईरान समर्थित हाउती विद्रोहियों ने इजरायल पर किए गए मिसाइल हमलों की जिम्मेदारी ली है। संगठन के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने शनिवार को समूह के अल-मसीरा सैटेलाइट चैनल पर जारी बयान में इसकी पुष्टि की। इससे पहले इजरायली सेना ने कहा था कि उसने एक मिसाइल को हवा में ही निष्क्रिय कर दिया।
याह्या सरी ने शुक्रवार को संकेत दिया था कि यदि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बढ़ती है तो हाउती सीधे युद्ध में उतरेंगे। हाउती की सक्रियता से लाल सागर, बाब-अल-मंदेब और अरब सागर के समुद्री मार्गों पर तनाव और बढ़ गया है, जहां से दुनिया का 12 प्रतिशत तेल गुजरता है।
युद्ध रोकने की कूटनीतिक कोशिशों पर ईरान सशंकित
एपी के अनुसार, ईरान ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध रोकने की हालिया कूटनीतिक कोशिशों पर संदेह जताया है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को तुर्किए के विदेश मंत्री हकान फिदान से फोन पर बातचीत में कहा कि अमेरिका के रवैये ने किसी संभावित समझौते को लेकर तेहरान की शंकाएं और गहरी कर दी हैं।
अराघची ने अमेरिका पर अतार्किक मांगें रखने और विरोधाभासी कदम उठाने का आरोप लगाया। बातचीत के दौरान हकान फिदान ने कहा कि क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए संवाद ही सबसे प्रभावी रास्ता है।
पाकिस्तान में शांति वार्ता
एएनआई के अनुसार, मिस्त्र, तुर्किए और सऊदी अरब के विदेश मंत्री रविवार से पाकिस्तान में शांति वार्ता की आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से बातचीत कर मध्यस्थता प्रक्रिया में भरोसा बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। पेजेशकियान ने एक बार फिर खाड़ी देशों को चेताया कि वे अपनी जमीन से अमेरिका को ईरान पर हमला न करने दें, अन्यथा परिणाम गंभीर होंगे।
दूसरी ओर, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया कि ईरान में अमेरिका का अधिकांश सैन्य उद्देश्य पूरा हो चुका है। एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि यह अभियान सीमित रूप से ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लंबे समय तक नियंत्रित करने तक जारी रहेगा।
ईरान पर अमेरिकी हमले भी तेज
आईएएनएस के अनुसार, अमेरिका ने भी ईरान पर हमले तेज कर दिए हैं। इन हमलों में ईरान यूनिवर्सिटी की इमारत को नुकसान पहुंचा, जबकि जांजान प्रांत में पांच लोगों की मौत हुई। दक्षिण-पश्चिमी शहर हफ्तकेल में पहली बार जल भंडारण केंद्र को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को ईरानी नौसेना के जहाजों पर हमलों के वीडियो फुटेज जारी किए। होर्मुज जलमार्ग खुलवाने के उद्देश्य से अमेरिका लगातार ईरानी नौसेना पर हमले कर रहा है।
इसी बीच, ईरान में संभावित जमीनी सैन्य अभियान के मद्देनजर अमेरिकी सेना की 82वीं एयरबोर्न यूनिट 2500 मरीन और 1000 पैराट्रूपर सैनिकों के साथ ईरान के बेहद करी पहुंच गई है।
लेबनान, कुवैत, बहरीन और इराक तक फैला असर
इजरायल की राजधानी तेल अवीव और आसपास के लगभग एक दर्जन ठिकानों पर मिसाइल हमलों के तेज धमाके सुने गए। यरुशलम के निकट हमलों में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि 11 लोग घायल बताए गए।
दक्षिणी लेबनान में अलग-अलग इजरायली हमलों में तीन पत्रकार और नौ चिकित्साकर्मी मारे गए। इजरायली सेना ने दावा किया कि मारे गए पत्रकारों में शैब नाम का एक आतंकी भी शामिल था, जो हिजबुल्ला की खुफिया इकाई से जुड़ा था।
नौ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, लेबनान में हमलों के बाद चार अस्पताल और नौ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद हो चुके हैं। कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले में रडार प्रणाली बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई और तेल डिपो में भयानक आग लग गई।
यूएई ने 20 बैलिस्टिक मिसाइल और 37 ड्रोन हमलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया। बहरीन में अमेरिका के पांचवें बेड़े पर 20 मिसाइल और 23 ड्रोन हमले हुए, जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया।
इराक में ईरान समर्थित पीएमएफ ने मोसुल में हवाई हमले किए, जिसमें दो पुलिसकर्मी मारे गए। इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र के राष्ट्रपति नेचिरवान बरजानी के निवास को भी ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया, जिसके बाद इराक के प्रधानमंत्री ने तत्काल जांच के आदेश दिए।



