भारत को एमक्यू-9 ड्रोन की डिलीवरी नहीं, अमरीका ने पन्नू की हत्या की साजिश को लेकर लगाई रोक

वाशिंगटन
अमरीका ने भारत को 31 एमक्यू-9ए सी गार्जियन और स्काई गार्जियन ड्रोन की डिलीवरी रोक दी है। एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक अमरीका ने शर्त रखी है कि जब तक भारत सरकार खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश की सार्थक जांच नहीं कर लेती, तब तक इन ड्रोन की डिलीवरी नहीं की जाएगी। पन्नू के पास अमरीका और कनाडा की दोहरी नागरिकता है। वह भारत का घोषित आतंकवादी है, जो सिख फॉर जस्टिस नाम के आतंकवादी संगठन का घोषित सरगना भी है। वह कनाडा और अमरीका जैसे कई देशों में खालिस्तान के लिए तथाकथित जनमत संग्रह भी कराता रहता है। वह अपने बयानों में भारत में हिंसा की धमकी देता रहता है। रिपोर्ट में लिखा है कि भारत ने तीन बिलियन डॉलर में भारतीय नौसेना के लिए 15 सी गार्डियन भारतीय वायुसेना और सेना के लिए आठ-आठ स्काई गार्जियन ड्रोन की खरीद की है।
यह भी दावा किया गया है कि अमरीका ने इस ड्रोन के अलावा भारत को बेचे जाने वाले छोटे-छोटे अधिग्रहणों को भी रोक दिया है, जिसमें छह बोइंग पी-8 आई लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान खरीदने का प्रस्ताव भी शामिल है। ये 12 पी-8आई पोसीडॉन विमानों के पूरक हैं, जिन्हें भारतीय नौसेना पहले से ही संचालित कर रही है। रिपोर्ट में लिखा है कि अब रुकी हुई ड्रोन खरीद के लिए मंजूरी भारतीय रक्षा मंत्रालय की आंतरिक मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाशिंगटन की राजकीय यात्रा से एक हफ्ते पहले जून, 2023 में दी गई थी।
निखिल गुप्ता को बनाया बलि का बकरा
दावा किया गया है कि यह अज्ञात सूत्र अमरीकी नीति निर्धारण के शीर्ष स्तर पर काम करता है। इसकी पहचान इसलिए गुप्त रखी गई है, क्योंकि वह मीडिया से बात करने के लिए अधिकृत नहीं है। इस सूत्र के हवाले से भारत को इन घातक, लंबी दूरी के हथियारों की आपूर्ति में देरी के बारे में बताते हुए कहा गया है कि भारतीय-अमरीकी सांसद विशेष रूप से निखिल गुप्ता नामक एक भारतीय के अभियोग के परिणामों के बारे में गहराई से चिंतित हैं। उन पर औपचारिक रूप से पन्नू की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है और वर्तमान में अमरीका में उनके निर्वासन तक चेक गणराज्य में हिरासत में हैं।



