एजेंसियों ने सोशल मीडिया संचालन हेतु निविदा दर पर पुनर्विचार की मांग, उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने संशोधन जरूरी

रायपुर, 21 फ़रवरी 2025 छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों (मुख्यमंत्री कार्यालय एवं जनसंपर्क विभाग को छोड़कर) के सोशल मीडिया अकाउंट के संचालन के लिए जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी निविदा को लेकर पूर्व से कार्य कर रही एजेंसियों ने पुनर्विचार की मांग की है। एजेंसियों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ संवाद को ज्ञापन सौंपते हुए निविदा में निर्धारित दर को संशोधित करने की अपील की है।
L1 दर ₹35,000 प्रतिमाह, एजेंसियों ने बताया अपर्याप्त
निविदा प्रक्रिया के तहत सोशल मीडिया संचालन के लिए न्यूनतम दर (L1) ₹35,000 प्रतिमाह तय की गई है। हालांकि, एजेंसियों का कहना है कि इस राशि में उच्च गुणवत्तापूर्ण सोशल मीडिया संचालन एवं संधारण संभव नहीं है। उनका तर्क है कि प्रभावी डिजिटल कम्युनिकेशन के लिए कुशल पेशेवरों की आवश्यकता होती है, जिनमें कंटेंट राइटर, वीडियो एडिटर, ग्राफिक डिजाइनर और सोशल मीडिया अकाउंट मैनेजर शामिल हैं। मौजूदा दर पर इन आवश्यक संसाधनों की पूर्ति करना संभव नहीं होगा, जिससे सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
शासन की डिजिटल उपस्थिति और सूचना प्रसार पर पड़ेगा असर
एजेंसियों ने आशंका जताई है कि यदि सोशल मीडिया संचालन की जिम्मेदारी इतनी कम दर पर दी गई, तो शासन की संचार प्रणाली की प्रभावशीलता प्रभावित होगी। इसका सीधा असर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सूचना प्रसार की गुणवत्ता पर पड़ेगा, जिससे जनता तक सही और प्रभावी संचार पहुंचाने में बाधा आ सकती है।
एजेंसियों की प्रमुख मांगें:
- निविदा दर में वृद्धि: पेशेवर सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित राशि को यथोचित बढ़ाया जाए।
- संसाधनों का आकलन: सोशल मीडिया संचालन की जटिलताओं और आवश्यक संसाधनों को ध्यान में रखते हुए दरों का पुनर्निर्धारण किया जाए।
- प्रभावी डिजिटल रणनीति: शासन की डिजिटल उपस्थिति और सूचना प्रसार को मजबूत बनाए रखने के लिए पेशेवर एवं उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं की गारंटी सुनिश्चित की जाए।
एजेंसियों ने राज्य शासन और जनसंपर्क विभाग से आग्रह किया है कि इस विषय पर पुनर्विचार कर आवश्यक संशोधन करें, जिससे सोशल मीडिया संचालन का कार्य प्रभावी, पेशेवर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।



