लोकसभा-विधानसभा के बाद अब लोकल बॉडी का घमसान, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से चढ़ा सियासी पारा, महायुति-MVA में कौन भारी?

मुंबई: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में चार हफ्ते में निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी करने निर्देश दिया है। मुंबई में बीएमसी चुनावों के साथ पूरे राज्य में लोकल बॉडी के चुनाव लंबे समय से अटके हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की कि महायुति मिलकर चुनाव लड़ेगी, हालांकि, महायुति में शामिल दलों के स्थानीय नेता चाहते हैं कि वे अकेले चुनाव लड़ें। उनका मानना है कि ऐसा करने से उन्हें ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा। महायुति में बीजेपी के साथ एनसीपी और शिवसेना प्रमुख घटक दल हैं। महायुति ने विधानसभा चुनावों में प्रचंड जीत हासिल की थी, तो वहीं दूसरी तरफ निकाय चुनावों को लेकर महाविकास आघाड़ी (एमवीए) में तस्वीर साफ नहीं है।
क्या बोले सीएम फडणवीस?
फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि हम चुनाव आयोग से जल्द से जल्द नगर निकाय चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध करेंगे। हमें खुशी है कि ओबीसी आरक्षण पूरी तरह से लागू होगा। उन्होंने आगे कहा कि महायुति साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। हो सकता है कि किसी एक नगर निकाय में स्थानीय स्तर पर अलग फैसला लेना पड़े, लेकिन नीतिगत रूप से महायुति गठबंधन के तौर पर चुनाव लड़ेगी। सीएम फडणवीस ने साथ मिलक लड़ने की बात को अहिल्यानगर में बीजेपी के कार्यालय का उद्घाटन करने के मौके पर भी दोहराया। फडणवीस ने फिर से कहा कि बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी का गठबंधन मिलकर चुनाव लड़ेगा।
फडणवीस बोले-2024 करेंगे रिपीट
फडणवीस ने कहा कि हमने विधानसभा चुनाव में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया, और हमें नगर निकायों में भी वही नतीजे दोहराने की जरूरत है। बीजेपी के नेतृत्व में महायुति सभी जगहों पर जीत सुनिश्चित करेगी। विधानसभा चुनाव के नतीजों ने महायुति में शामिल तीनों दलों के स्थानीय नेताओं की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। वे इस गति को बनाए रखना चाहते हैं और अकेले चुनाव लड़ना चाहते हैं।



