रूसी जेल में नवलनी की मौत के बाद पत्नी ने किया पहला पोस्ट, लिखा- मैं तुमसे प्यार करती हूं

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कट्टर विरोधी और विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की हाल ही में जेल में रहस्यमय तरीके से मौत हो गई। वह लंबे समय से जेल में बंद थे। कहा जा रहा है कि यमालो-नेनेट्स की जेल में उनकी मौत हुई है। एलेक्सी नवलनी की मौत के दो दिन बाद रविवार को उनकी पत्नी यूलिया नवलनया ने पोस्ट कर उन्हें याद किया। वहीं, यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख के अनुसार नवलनया सोमवार को ब्रसेल्स में यूरोपीय विदेश मंत्रियों से मिलने वाली हैं।
यूरोपीय संघ के विदेश मामलों की परिषद में नवलनया का होगा स्वागत
विदेशी मामलों और सुरक्षा नीति के लिए यूरोपीय संघ के उच्च प्रतिनिधि जोसेप बोरेल ने घोषणा की, ‘सोमवार को मैं यूरोपीय संघ के विदेश मामलों की परिषद में यूलिया नवलनया का स्वागत करूंगा।’ बता दें, यूरोपीय संघ के मंत्री रूस में स्वतंत्रता सेनानियों को समर्थन का एक मजबूत संदेश भेजेंगे। यह बैठक नवलनी की मृत्यु के जवाब में एक महत्वपूर्ण राजनयिक कदम है, जिसका उद्देश्य रूस में स्वतंत्रता की वकालत करने वालों के साथ एकजुटता व्यक्त करना है।
नवलनया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर नवलनी के साथ एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह दोनों एक दूसरे के साथ प्यार भरे पल बिताते दिख रहे हैं। पोस्ट के कैप्शन में लिखा है- मैं तुमसे प्यार करती हूं।
किरा यरमीश ने नवलनी की मौत की पुष्टि
दिवंगत रूसी विपक्षी नेता के प्रवक्ता किरा यरमीश ने नवलनी की मौत की पुष्टि की और मांग की कि उनका शव तुरंत उनके परिवार को सौंप दिया जाए। एक रिपोर्ट के अनुसार, यरमीश ने रूसी अधिकारियों पर प्रक्रिया में देरी करने के लिए झूठ बोलने का भी आरोप लगाया। यरमीश का यह बयान रूसी जेल सेवा के बयान के बाद आया है।
जेल में टहलने के बाद नवलनी की मौत
दरअसल, यमालो-नेनेट्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट प्रशासन ने कहा था कि शुक्रवार को जेल में टहलने के बाद नवलनी का स्वास्थ्य ठीक नहीं था। उन्होंने तबियत ठीक नहीं होने की जानकारी दी थी, जिसके बाद वे बेहोश हो गए थे। इसके बाद मेडिकल स्टाफ को बुलाया गया, लेकिन वह होश में नहीं आए। हालांकि, अभी उनकी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
दावा- जहर देकर मारने की साजिश
अगस्त 2020 में नवलनी साइबेरिया के दौरे पर गए थे। वहां से मॉस्को लौटते समय नवलनी बीमार पड़ गए। इसके बाद नवलनी को इलाज के लिए जर्मनी ले जाया गया। हफ्तों बाद जर्मन सरकार ने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि नवलनी को जहर दिया गया था।
कुछ दिनों बाद नवलनी ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो पोस्ट किया। रूसी विपक्षी नेता ने दावा किया कि उन्हें खुफिया अधिकारी ने उनके अंडरवियर में जहर लगाकर मारने की साजिश रची थी। जहर दिए जाने के पांच महीने बाद जनवरी 2021 में नवलनी वापस मास्को चले गए और यहां पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
दो महीने बाद रूसी अधिकारियों ने नवलनी को दो साल की जेल की सजा देने का आदेश दिया। उन्हें ऐसी जेल में रखा गया जो कैदियों के साथ बुरे बर्ताव के लिए कुख्यात मानी जाती है। जेल में उचित चिकित्सा सुविधा की कमी के विरोध में उन्होंने एक सप्ताह की भूख हड़ताल की। इस दौरान नवलनी का स्वास्थ्य भी बिगड़ गया।
जेल में बंद पुतिन विरोधी नेता की मुश्किलें कभी कम ही नहीं हुईं। अगस्त 2023 में एक रूसी अदालत ने नवलनी को जेल में बंद नेता पर उग्रवाद का समर्थन करने के आरोप में अतिरिक्त 19 साल की सजा सुनाई।
पिछले साल हो गए थे गायब
पिछले साल दिसंबर में नवलनी के सहयोगियों ने दावा किया कि 20 दिनों तक उनसे संपर्क टूटा रहा। अंत में उनके प्रवक्ता ने कहा कि वह मिल गए हैं। इस बीच अधिकारियों ने उन्हें आर्कटिक जेल में स्थानांतरित कर दिया जो रूस के सबसे दूरदराज के शहरों में से एक में स्थित है। इसके अलावा यह जेल अपनी कठोर परिस्थितियों के लिए जाना जाता है।
अदालती सुनवाई के अगले दिन हो गई मौत
फरवरी 15, 2024 वह तारीख थी जब नवलनी को आखिरी बार सार्वजनिक रूप से देखा गया। इस दिन वह एक अदालत की सुनवाई में वीडियो लिंक के जरिए जेल में काले कपड़े पहने हुए दिखाई दिए थे। अगले दिन यानी 16 फरवरी को रूसी अधिकारियों ने दावा किया कि जेल में टहलने के बाद नवलनी बेहोश हो गए और उनकी मौत हो गई।
इन लोगों ने जताया गुस्सा
नवलनी की मौत की खबरों पर नाराजगी फैल गई और कुछ पश्चिमी नेताओं ने पुतिन को जिम्मेदार ठहराया। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि वह रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की कथित मौत से गुस्सा हैं और उन्होंने नवलनी की मौत के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को जिम्मेदार ठहराया।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी नवलनी के निधन पर शोक व्यक्त किया और इसके लिए मॉस्को को जिम्मेदार ठहराया।



