435 करोड़ में दिल्ली में बनेगा अनोखा ट्रीटमेंट प्लांट, जहरीले पानी से रोशन होगी राजधानी

नई दिल्ली : तेहखंड गांव के पास डीटीसी बस डिपो के नजदीक कूड़े को ट्रीट करने वाला एक ऐसा वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा, जहां गीले कूड़े से निकलने वाले जहरीले लीचेट वॉटर से बिजली बनाई जाएगी। नए वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट में कूड़ा ट्रीट करने की कैपिसिटी 1,000 मीट्रिक टन/डे की होगी। नया प्लांट यहां से पहले से बने 2,000 मीट्रिक टन प्लांट परिसर में ही बनाया जाएगा।
कितने करोड़ में बनेगा नया प्लांट
नए प्लांट के निर्माण पर कुल 435 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नए प्लांट में 20 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होगा। इस तरह से तहखंड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट से ही दिल्ली वालों को 45 मेगावॉट बिजली मिलेगी। एमसीडी ने नए वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण का विस्तृत प्लान दिल्ली सरकार के अर्बन डिवेलपमेंट डिपार्टमेंट को भेजा है।
2,000 मीट्रिक टन प्लांट को किया जाएगा एक्सटेंड
अफसरों के अनुसार, तहखंड में कूड़े को ट्रीट करने के लिए 2,000 मीट्रिक टन कैपिसिटी का वेस्ट टु एनर्जी प्लांट बनाया गया है, जिसका उद्घाटन अक्टूबर, 2022 में किया गया। पुराने प्लांट का दायरा 32 एकड़ है, जिसमें प्लांट का एरिया 15 एकड़ है। पुराने प्लांट में कूड़े से बिजली बनाई जाती है। इससे 25 मेगावॉट बिजली बनती है।
वेस्ट टु एनर्जी प्लांट बनाने की योजना
अब, इसी प्लांट परिसर में 1,000 मीट्रिक टन का एक और वेस्ट टु एनर्जी प्लांट बनाने की योजना है, जिससे 20 मेगावॉट बिजली तैयार होगी। लेकिन नए प्लांट में कूड़े से नहीं, बल्कि कूड़े से निकलने वाले जहरीले पानी को बायो गैस में कन्वर्ट कर उससे बिजली बनाई जाएगी। नए प्लांट के बनने से तहखंड वेस्ट टु एनर्जी प्लांट की कैपिसिटी 3,000 मीट्रिक टन हो जाएगी।
इस तरह बनेगी बिजली
एमसीडी अफसरों के अनुसार, कूड़े से निकलने वाला लीचेट वॉटर काफी खतरनाक होता है। गीले कूड़े से यह हमेशा ही निकलता रहता है। अगर यह जमीन के अंदर चला जाए, तो भूजल को दूषित कर सकता है। नए वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट में इसी लीचेट वॉटर से बिजली उत्पादन का प्लान है।
तेहखंड वेस्ट टु एनर्जी प्लांट एक नजर में
- प्लांट का कुल दायरा 32 एकड़
- पुराना वेस्ट टु एनर्जी प्लांट का दायरा 15 एकड़
- पुराने प्लांट की क्षमता 2000 मीट्रिक टन/डे
- रोजाना इससे बिजली उत्पादन होगा 25 मेगावॉट
- नए प्लांट की क्षमता 1000 मीट्रिक टन / डे
- बिजली उत्पादन होगा 20 मेगावॉट
- निर्माण लागत 435 करोड़
- गाजीपुर वेस्ट प्लांट 1300 टन/ दिन 12 मेगावॉट
- नरेला बवाना वेस्ट प्लांट 2000 टन / दिन 24 मेगावॉट
- कूड़े के प्लांटों से मिल रही है बिजलीः करीब 60 मेगावॉट



