एलियन ममियों की कहानी में आया नाया मोड़, स्टडी ने किया दावा, सदियों पुराने दूसरे जीव के अवशेष हैं ये

दक्षिण अमेरिका के सुदूर क्षेत्र में पाए जाने वाले तथाकथित ‘एलियन ममियों’ की कहानी ने एक नया मोड़ ले लिया है. क्योंकि शोध में अब कहा गया है कि वे वास्तव में जैविक जीव हैं. जनवरी में, पेरू के अभियोक्ता कार्यालय के फोरेंसिक एक्सपर्ट ने कहा कि नाजका इलाके में पाई गई ये चीजें कागज़, गोंद, धातु और मानव और जानवरों की हड्डियों से बनी थीं.
कथित तौर पर इन चीजों को 2017 में स्थानीय किसानों ने पाया था और बाद में शोधकर्ताओं के ध्यान में लाया गया था. बताया गया कि उनमें असामान्य विशेषताएं थीं, जिनमें लम्बी खोपड़ी और तीन-उंगलियों वाले हाथ शामिल थे, जिससे उनकी उत्पत्ति और निश्चित रूप से प्रामाणिकता के बारे में अटकलें और बहस छिड़ गई.
फोरेंसिक पुरातत्वविद् फ्लेवियो एस्ट्राडा ने बताया था, “नतीजा सरल है, वे इस ग्रह के जानवरों की हड्डियों से आधुनिक सिंथेटिक गोंद के साथ इकट्ठी की गई गुड़िया हैं, इसलिए उन्हें प्री-हिस्पैनिक समय के दौरान नहीं बनाया गया था.” एस्ट्राडा ने इस साल की शुरुआत में विश्लेषण की अगुआई की थी. उन्होंने कहा, “वे अलौकिक नहीं हैं, वे एलियन नहीं हैं.” वहीं, पेरू के इका में वैज्ञानिक संस्थान सेंट एलॉयसियस गोंजागा नेशनल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के एक समूह का कहना है कि नमूने मनुष्यों के समान ‘मानवीय’ हैं. वे कहते हैं कि जीवों की आंखें नहीं हैं और सिर मनुष्यों की तुलना में बहुत बड़े हैं और लगभग 1,700 साल पुराने हैं. अध्ययन के नतीजे में कहा गया है, “टोमोग्राफिक इमेजिंग विश्लेषण से पता चला है कि नमूना एक मानव जैसा शरीर है जिसकी जैविक संरचना मानव के समान है, लेकिन कई अंतर हैं जैसे कि बाल और कान की कमी, लम्बी खोपड़ी और बढ़ा हुआ कपाल जो इंसानों से30% बड़ी मिली. इसके अलावा भी कुछ खास तरह के अंतर मिले हैं.



