Mahakumbh 2025 में बसा मिनी छत्तीसगढ़ : पवेलियन में दिख रही प्रदेश की समृद्ध संस्कृति की झलक

Mahakumbh 2025. महाकुंभ 2025 की शुरुआत हो चुकी है. मकर संक्रांति पर हुए प्रथम अमृत स्नान में 3.50 करोड़ ज्यादा श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई है. करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं महाकुंभ में पहुंच रहे हैं. संगम में आस्था की डुबकी लगाने के साथ ही संत-महात्माओं के दर्शन कर रहे हैं. 144 साल बाद बने इस अद्भुत संयोग का लाभ हर कोई लेना चाहता है. महाकुंभ को देखते हुए मेला क्षेत्र में तमाम व्यवस्थाएं की गई हैं. जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के साथ केंद्र सरकार लगातार लगी हुई है. इसी बीच महाकुंभ में छत्तीसगढ़ से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रयागराज महाकुंभ में राज्य के स्थानीय लोगों के लिए छत्तीसगढ़ पवेलियन (Chhattisgarh Pavilion) तैयार है. मुख्यमंत्री ने अपनी दूरदर्शी सोच से प्रयागराज में राज्य के लोगों के लिए ठहरने और भोजन करने की निःशुल्क व्यवस्था की है.
छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. छत्तीसगढ़ पवेलियन (Chhattisgarh Pavilion) महाकुंभ मेला के सेक्टर 6 में स्थित है. यह ठीक बघाड़ा मेला के पास स्थित है जहां आने के लिए लक्ष्मी द्वार से प्रवेश करना है. यहां से निकटतम रेलवे स्टेशन प्रयाग है. सड़क या हवाई मार्ग से आने वाले श्रद्धालु इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के रास्ते यमुना ब्रिज क्रॉस करके यहां पहुंच सकते हैं.
पवेलियन में दिखेगा मिनी छत्तीसगढ़
करीब 4.5 एकड़ में फैले इस पवेलियन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति को दिखाया गया है. जिससे यहां पर आने वाले सभी श्रद्धालु, यहां तक की देश के कोने-कोने से आए लोग छत्तीसगढ़ प्रदेश को जान सकें. पवेलियन में प्रदेश के धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक स्थलों, पर्यटन स्थलों की जानकारी दी गई है. साथ ही प्रदेश की संस्कृति, कला, खान-पान, रहन-सहन से भी लोगों को रूबरू कराया जा रहा है. यहां श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था की गई है.
यागराज में महाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी 2025 (पौष पूर्णिमा) से शुरू हो चुका है और इसका समापन 26 फरवरी 2025 को होगा. महाकुंभ में श्रद्धालु अब तक दो शाही स्नान (पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति) कर चुके हैं. आगामी तीसरा शाही स्नान 29 जनवरी 2025 (मौनी अमावस्या) को आयोजित होगा.



