उत्तरप्रदेश

नीम करौली बाबा की संपत्ति मामले में नया मोड़, 6 पोतियों और हनुमान ट्रस्ट को नोटिस भेजकर मांगे गए साक्ष्य

फिरोजाबाद: जिले के टूंडला के अकबरपुर में विख्यात संत बाबा नाम करौली, जिन्हें बाबा नीब करौरी भी कहा जाता है, के पैतृक मकान, जो कि उनकी जन्मस्थली भी है, के अधिकार को लेकर उपजे विवाद पर जिला प्रशासन ने जांच की कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के निर्देश पर गठित की गई तीन सदस्यीय जांच समिति ने जांच का काम शुरू कर दिया है। इस कमेटी के अध्यक्ष एडीएम (न्यायिक) अरविंद द्विवेदी हैं। एडीएम ने बाबा की छह पोतियों और श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट के ट्रस्टी संजय गुप्ता को नोटिस भेजे हैं।

जिला प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों को भेजे गए नोटिस में अपनी-अपनी दावेदारी, प्रमाण और दस्तावेज पेश करने के लिए कहा है। प्रशासन ने कहा है कि प्रकरण की निष्पक्ष सुनवाई करने आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए लिए साक्ष्यों के साथ दावेदारी प्रस्तुत की जाए।

बाबा की पोतियों ने की थी जांच की मांग

बाबा नीम करौली जिनका मूल नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा है, के छोटे बेटे स्वर्गीय धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियां हैं। उनकी बेटी सुनीता शर्मा वृंदावन में, अर्चना शर्मा और ऋतु तिवारी दिल्ली में, वंदना शर्मा मथुरा में, भावना रावत मुंबई में और ऋचा रावत गुड़गांव में निवास करती हैं। इन सभी ने पिछले माह फिरोजाबाद में कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी (डीएम) को प्रार्थना पत्र दिया था।

ट्रस्टी संजय गुप्ता पर संपत्ति पर कब्जा करने का आरोप

इस पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत नगला में स्थित मकान नंबर 154-व में बाबा नीम करौली का ध्यान कक्ष, भोजनालय और शयन कक्ष है। बाबा की इस पैतृक संपत्ति पर श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट के ट्रस्टी संजय गुप्ता ने कब्जा कर रखा है। मुंबई से आए भावना रावत के पति मनोज रावत ने जिलाधिकारी से बाबा की पैतृक संपत्ति को अवैध कब्जे से मुक्त कराने और विवाद का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। उन्होंने डीएम की अध्यक्षता में शासकीय प्रशासनिक ट्रस्ट बनाने की मांग भी की है।

बाबा नीब करौरी धाम कॉरिडोर का होगा निर्माण

यूपी सरकार अकबरपुर में बाबा नीब करौरी धाम कॉरिडोर का निर्माण कराने वाली है। एडीएम अरविंद द्विवेदी ने बताया कि प्रशासन ने नोटिस जारी करके दोनों पक्षों को दावेदारी के पक्ष में सबूत देने के लिए कहा है। यूपी सरकार बाबा नीम करौली महाराज की जन्मस्थली टूंडला के अकबरपुर गांव को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाना चाहती है। जिला प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।

डीएम ने की विकास कार्यों की समीक्षा

जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने प्रस्तावित बाबा नीम करौली धाम कॉरिडोर से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा की है। शर्मा ने बताया कि यूपी सरकार की पर्यटन नीति-2022 में संशोधन करके नीम करौली बाबा सर्किट को इसमें शामिल किया गया था। इसके तहत लखनऊ, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद और मथुरा-वृंदावन को आपस में जोड़ा जा रहा है।

संत बाबा नीम करौली महाराज का एक आश्रम उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के नैनीताल में भुवाली के पास है, जो कि कैंची धाम कहलाता है। इस आश्रम और मंदिर में हर साल दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। बाबा नीम करौरी के प्रति आस्थावान लोग दुनिया भर में हैं।

बाबा की हैं छह पोतियां और एक पोता

बाबा नीम करौली महाराज और उनकी पत्नी राम बेटी शर्मा के दो बेटे थे। बड़े बेटे अनेक सिंह शर्मा एवं छोटे धर्म नारायण शर्मा थे। उनकी एक बेटी गिरजा भटेले हैं। अनेक सिंह शर्मा के एक मात्र पुत्र और बाबा के एक मात्र पोते डॉ धनंजय शर्मा हैं, जो कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रहते हैं। धर्म नारायण शर्मा की 6 बेटियां हैं, जिन्होंने बाबा की पैतृक संपत्ति पर दावेदारी पेश की है। बाबा की बेटी गिरजा भटेले आगरा में रहती हैं।

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