त्योहारी सेल में गैजेट्स की मचेगी धूम, स्मार्टफोन्स और इलेक्ट्रॉनिक्स बिकेंगे सबसे ज्यादा और चमकेगा क्विक कॉमर्स: रिपोर्ट

त्योहारी सीजन से ठीक पहले भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में जबरदस्त हलचल शुरू हो गई है। रिसर्च फर्म डैटम इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट के अनुसार इस साल ई-कॉमर्स और ऑनलाइन रिटेलर्स रिकॉर्ड सेल दर्ज कर सकते हैं। पिछले साल के मुकाबले इसके 25 से 29% तक ज्यादा रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट् की मानें, तो इस साल सेल में क्विक कॉमर्स भी त्यौहारों पर होने वाले कुल खर्च में 16% की बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने वाला है।
डैटम इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के अनुसार इस बार त्योहारी सीजन में ई-कॉमर्स और ऑनलाइन रिटेलर्स 1.50 से 1.55 लाख करोड़ का रिकॉर्ड ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू दर्ज कर सकते हैं। ध्यान देने वाली बात है कि ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू यानी GMV का मतलब किसी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे Amazon, Flipkart, Blinkit आदि पर एक तय समय अवधि में बिकने वाले सभी सामानों की कुल सेल की मूल्य या राशि होता है।
गौर करने वाली बात है कि खरीदारों के पास अब क्लिक कॉमर्स का ऑप्शन भी उपलब्ध है, जहां सिर्फ राशन ही नहीं तमाम इलेक्ट्रॉनिक्स और बड़े ब्रैंड्स के सामान मिनटों में डिलीवर होने के लिए मौजूद हैं। रिपोर्ट के अनुसार ये क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म इस त्योहारी सीजन में 24,000 करोड़ का जीएमवी हासिल करेंगे, जो पिछले साल के 14,000 करोड़ से काफी ज्यादा है।
इसके अलावा Zepto, Blinkit के साथ-साथ Flipkart Minutes और Amazon Now जैसे दिग्गजों के इस कैटेगरी में उतरने से छोटी और गिफ्टिंग कैटेगरी में मांग में बढ़ी है।
रिपोर्ट की मानें, तो इस त्योहारी सीजन में स्मार्टफोन्स का सबसे ज्यादा दबदबा रहने वाला है, जो कि करीब 29.8% तक रह सकता है। इसके बाद होम अप्लायंसेज की हिस्सेदारी 13.6% तक रहने का अनुमान है। इसके अलावा 11.6% इलेक्ट्रॉनिक्स का हिस्सा भी रह सकता है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती त्योहारी सीजन बता रहे हैं कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में खरीदारी काफी बढ़ी हैै। Meesho को रक्षाबंधन के दौरान 73% ऑर्डर गैर-मेट्रो एरिया से मिले।
आगे आ रहे त्योहारी सीजन में इसके और बढ़ने की उम्मीद है और कंपनियां अभी से इसके लिए तैयारी कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेजन इंडिया त्योहारी सीजन को देखते हुए 1.6 लाख अस्थायी कर्मचारियों को जोड़ने का प्लान बना रही है जबकि मीशो के लिए यह संख्या 3.75 लाख रह सकती है।
क्विक कॉमर्स कंपनियां भी इसमें पीछे नहीं हैं और पिछले साल की तुलना में 35-40% ज्यादा डिलीवरी और वेयरहाउस स्टाफ भर्ती कर रही हैं।



