उत्तरप्रदेश

यूपी में ब्राह्मणों के साथ से ही सधेगा सत्ता का ‘समीकरण’, सपा-बसपा भी बना रही जीत का फॉर्मूला

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल ब्राह्मण मतदाताओं को साधने में जुटे हैं, क्योंकि सत्ता के समीकरण में उनका साथ अहम माना जा रहा है। सपा, बसपा और कांग्रेस भाजपा के पारंपरिक ब्राह्मण वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रही हैं।

लखनऊ। विधान सभा चुनाव से पहले बिछ रही राजनीति की बिसात पर सामाजिक समीकरणों की गोलबंदी को घमासान शुरू हो गया है। राजनीतिक दल पिछड़े-दलितों को जोड़ने में तो जुटे ही है, परंतु उनको खूब अहसास है कि बिना ब्राह्मणों के साथ के, सत्ता पाने की राह आसान नहीं।

इधर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन में बदलाव शुरू कर दिया है। पार्टी ने अभिषेक दत्त, कुनाल चौधरी, जगदीश चंदर जांगिड़, संजीव आर्य, वरुण चौधरी और अब्दुल हन्नान को एआईसीसी का सचिव नियुक्त किया है। इन्हें प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के साथ संबद्ध किया गया है।

वहीं सचिव के पद पर नियुक्त धीरज गुर्जर, निलांशु चतुर्वेदी, प्रदीप नरवाल, राजेश तिवारी, सत्यानारायण पटेल और तौकीर आलम की छुट्टी कर दी गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार नए सचिव प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम का सहयोग करेंगे। पार्टी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी नई नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button